शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राएं 16 किमी पैदल चलकर पहुंचीं कलेक्टर के पास, प्रिंसिपल हटाए गए

सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने स्कूल और हॉस्टल की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन से शिकायत की। करीब 45 छात्राएं सोमवार को कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल अंबिकापुर के लिए निकल पड़ीं। करीब 16 किमी चलने के बाद प्रशासन ने उनके लिए बस की व्यवस्था की, जिसके बाद छात्राओं को अंबिकापुर लाया गया।

छात्राओं ने कलेक्टर से मुलाकात के दौरान स्कूल और हॉस्टल में करीब तीन महीने से बिजली नहीं होने, पढ़ाई प्रभावित होने और मेस में सफाई व्यवस्था खराब होने की शिकायत की। छात्राओं का आरोप था कि पहले भी इन समस्याओं की जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

पहले भी की गई थी शिकायत

छात्राओं के मुताबिक, उन्होंने स्कूल की अव्यवस्थाओं और प्रिंसिपल से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सीधे कलेक्टर से मिलने का फैसला किया।

छात्राओं के साथ स्कूल के शिक्षक भी सुरक्षा के लिहाज से पैदल चल रहे थे। मामले की जानकारी मिलने पर ट्राइबल असिस्टेंट कमिश्नर ललित शुक्ला मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। हालांकि, छात्राएं अपनी शिकायत कलेक्टर के सामने ही रखने पर अड़ी रहीं।

जांच के बाद प्रिंसिपल हटाए गए

कलेक्टर अजीत वसंत ने शिकायतों की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने छात्राओं और स्कूल स्टाफ से पूछताछ के बाद जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी।

रिपोर्ट के आधार पर प्रिंसिपल ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटाकर सहायक आयुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। अंग्रेजी विषय की पीजीटी शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी को प्रिंसिपल का प्रभार सौंपा गया है।

वहीं, पीजीटी हिंदी अरविंद अशोक तिग्गा को उनके मूल स्कूल एकलव्य स्कूल मैनपाट वापस भेज दिया गया है। हॉस्टल वार्डन आयुषी सोनी को सरकारी कार्य में लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन पर भी निगरानी

प्रशासन ने शिवपुर एकलव्य स्कूल के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन कलेक्टर और जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद जारी करने का निर्णय लिया है। इससे स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर से फोन पर बात की और पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने लंबे समय से बिजली समेत अन्य समस्याएं बनी रहने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है और छात्राओं की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की बात कही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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