बस्तर से आसमान तक का सफर, पायलट बनने का खुला नया रास्ता

जगदलपुर। कभी जिन आंखों ने सिर्फ पहाड़, जंगल और घाटियां देखीं… अब वही आंखें बादलों के ऊपर उड़ान भरने का सपना भी देखेंगी. बस्तर के लिए यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाली शुरुआत है. पहली बार बस्तर के युवाओं, खासकर जनजातीय बेटियों के लिए कमर्शियल पायलट बनने का रास्ता खुल गया है. अब आर्थिक तंगी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की उड़ान नहीं रोक पाएगी.

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय और स्वावलंबी भारत अभियान की पहल पर देश की अग्रणी एयरलाइन इंडिगो ने बस्तर के युवाओं के लिए अपना विशेष कार्यक्रम Giving Wings to Fly शुरू करने पर सहमति दी है. विश्वविद्यालय के प्रयासों से यह अवसर बस्तर तक पहुंचा है, जिसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि चयनित अभ्यर्थियों को कमर्शियल पायलट बनने तक का पूरा खर्च इंडिगो खुद वहन करेगा. यानी लाखों रुपये की ट्रेनिंग, पढ़ाई और आवश्यक प्रक्रियाओं का आर्थिक बोझ विद्यार्थियों पर नहीं आएगा. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है.

इस योजना में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवा आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, गणित और अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई की हो. पासपोर्ट होना जरूरी शर्तों में शामिल है, हालांकि जिनके पास पासपोर्ट नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. अंतिम चयन इंडिगो की प्रवेश परीक्षा और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस अवसर को हर योग्य छात्र तक पहुंचाने के लिए बस्तर के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं से आवेदन कराए जाएं. प्रारंभिक चरण में दो से तीन विद्यार्थियों के चयन की संभावना जताई जा रही है, लेकिन यदि प्रतिभाएं बेहतर प्रदर्शन करती हैं तो आगे और अवसर भी मिल सकते हैं.

यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर के युवाओं को एविएशन जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत है. जिस बस्तर की पहचान वर्षों तक चुनौतियों और पिछड़ेपन से की जाती रही, अब वहीं के युवा देश के आसमान में विमान उड़ाने का सपना साकार कर सकेंगे. अगर यह पहल सफल होती है तो आने वाले वर्षों में पहली बार बस्तर की बेटियां और युवा विमान के कॉकपिट में बैठकर न सिर्फ अपनी मंजिल तय करेंगे, बल्कि पूरे बस्तर के सपनों को भी नई उड़ान देंगे.बस्तर बदल रहा है… और इस बदलाव की सबसे खूबसूरत तस्वीर अब आसमान में दिखाई दे सकती है. क्योंकि पहली बार यहां के युवाओं के लिए कमर्शियल पायलट बनने का रास्ता खुला है. यह सिर्फ करियर का अवसर नहीं, बल्कि उस बस्तर की नई पहचान है, जहां अब सपनों की उड़ान पर किसी आर्थिक मजबूरी का पहरा नहीं होगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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