दो शिक्षा दूतों की हत्या, मोबाइल टावर में लगाई आग

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में माओवादियों (Maoist violence 2025) की हिंसक गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 14 जुलाई की रात नक्सलियों ने दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में माओवादियों ने दो शिक्षा दूतों की हत्या कर दी, वहीं नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर थाना क्षेत्र में मोबाइल टावर (जिओ) में आगजनी की घटना को अंजाम दिया।

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के टेकमेटा और पीलूर गांव में कार्यरत शिक्षा दूत सुरेश मेट्टा और विनोद मड़े की हत्या मुखबिरी के आरोप में कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, माओवादियों ने 13 जुलाई की शाम को दोनों को उनके घर से अगवा किया था। 14 जुलाई की रात उनका शव गांव के पास फेंक दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों शिक्षादूत सन् 2019 से पदस्थ थे और ब्लॉक मुख्यालय में अक्सर आना-जाना करते थे। इसी आधार पर माओवादियों को उन पर मुखबिरी का शक हुआ। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में भी उन्हें चेतावनी दी गई थी।

इस घटना की अभी तक पुलिस द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। शिक्षा दूत संघ ने घटना की निंदा करते हुए असुरक्षा की भावना जताई है। शिक्षादूत लंबे समय से बंद शालाओं को पुनः संचालित कर बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं और महज दस हजार रुपये के मानदेय पर भविष्य संवारने में लगे हैं।

मोबाइल टावर को लगाई आग

 

इधर, नारायणपुर जिले के मडोनार गांव में 14 जुलाई की रात करीब 9:30 से 10:00 बजे के बीच अज्ञात माओवादियों ने एक जिओ मोबाइल टावर में आग लगा दी, जिससे टावर का जनरेटर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि विद्युत आपूर्ति चालू रहने के कारण टावर कार्यरत है। घटना के बाद क्षेत्र में जिला पुलिस बल और ITBP द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।