धर्म गुरुओं पर विवादित टिप्पणी से बवाल: रायपुर में सिंधी और अग्रवाल समाज का चक्काजाम, अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग तेज

छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के बाद दिए गए एक विवादित बयान ने धार्मिक और सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है। रायपुर में सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों ने रविवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अग्रसेन चौक पर चक्काजाम कर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग की।
दरअसल, अमित बघेल ने एक बयान में कहा था—“अग्रसेन महाराज की मूर्ति पर क्यों पेशाब नहीं करते, उनकी मूर्ति क्यों नहीं तोड़ते, ये पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं।” इस टिप्पणी के बाद से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया और रायपुर समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने इस बयान को धर्म और समाज पर सीधा हमला बताया है। रायपुर के झूलेलाल धाम में बड़ी संख्या में लोग जुटे और नारेबाजी करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक समुदाय नहीं बल्कि समूचे समाज की भावनाओं का अपमान है।
प्रदर्शन के कारण रायपुर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि बयान की जांच की जा रही है और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस विवाद ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। कई संगठनों ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने और धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।











