नवजात को प्लास्टिक में लपेटकर सड़क किनारे फेंका:रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने उठाया, एक घंटे पहले हुआ जन्म

झालावाड़ जिले में सड़क किनारे नवजात मिला। मासूम किसी को दिखाई न दे इसलिए उसे प्लास्टिक से ढक दिया था। चरवाहे ने मासूम के रोने की आवाज सुनी। देखा तो आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था। धीरे-धीरे सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक के पास गया। प्लास्टिक हटाकर देखा तो अंदर लहूलुहान हालत में नवजात पड़ा हुआ था। इसके बाद एक राहगीर को बताया। फिर लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
मामला मनोहरथाना क्षेत्र के डाक बंगला के पास टनटोकरी बालाजी रोड का सोमवार दोहपर 1 बजे का है। थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- नवजात मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लोगों ने नवजात को स्थानीय CHC में भर्ती करा दिया था। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे के माता-पिता की तलाश की जा रही है।
लहूलुहान हालत में मिला शिशु
नगर पालिका के वार्ड 18 निवासी हेमराज नायक ने बताया- सोमवार दोपहर एक बजे बाइक से टन टोकरी बालाजी रोड स्थित अपने खेत से मनोहरथाना आ रहा था। डाक बंगले के पास गाय चरा रहे मांगीलाल ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। मांगीलाल ने मुझे रोक करके बताया कि प्लास्टिक के नीचे बच्चा है। उसके साथ मौके पर पहुंचा तो देखा कि रोड किनारे काली प्लास्टिक के नीचे लहूलुहान हालत में एक नवजात रो रहा था। फौरन नवजात को कपड़े लपेटकर गोद में लिया। एंबुलेंस की मदद से मासूम को मनोहरथाना सीएचसी में भर्ती कराया।
डॉक्टर बोले-घर पर हुआ बच्चे का जन्म
सीएचसी के डॉक्टर पंकज चौधरी ने बताया-बच्चे का जन्म करीब एक घंटे पहले का लग रहा है। जिस तरह से उसकी नाल काटी गई है, उससे लग रहा है कि बच्चे का जन्म घर पर ही हुआ होगा। फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। शिशु के हाथ-पैर पर हल्की चोट है। बेहतर इलाज और देखभाल के लिए उसे झालावाड़ के पालना गृह में भेजा जाएगा।
परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- पुलिस मामले की जांच कर रही है। नवजात को सड़क किनारे किसने फेंका, इसकी जांच की जा रही है। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।











