औरंगाबाद के 50 परीक्षा केंद्रों पर इंटर की परीक्षा शुरू, देर होने पर गेट कूदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की लड़कियां…

औरंगाबाद: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा सोमवार के साढ़े 9 बजे से कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई. जिले के कुल 50 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस वर्ष कुल 39,696 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं.

परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. परीक्षा को लेकर कई परीक्षार्थी परीक्षा समिति के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले से ही परीक्षा केंद्रों पर मौजूद रहे और सघन जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया.

इस दौरान जिस परीक्षार्थियों ने जूते मोजे पहन रखे थे उन्हें परीक्षा समिति के नियमों का हवाला देते हुए गेट पर ही खुलवा लिया. इतना ही नहीं उन्हें साथ में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति भी नहीं मिली. ठंड के कारण कई परीक्षार्थी कैप पहन कर आए थे उन्हें भी उसे पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली.

परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को अपने साथ एक पहचान लाने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कई परीक्षार्थियों ने इसका अनुपालन नहीं किया था. उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए जांच के बाद अंदर भेजा गया और अगले दिन लाने के सख्त निर्देश दिए गए. कुछ अभिभावकों ने इसका विरोध भी किया और परीक्षा समिति को परीक्षा के नियमों को लचीला बनाने की अपील भी की.

पापा की परी, बन गई उड़नपरी, परीक्षा से वंचित न हो इसलिए दौड़कर सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज केंद्र का गेट किया पार

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सोमवार दो फरवरी 2026 से इंटरमीडिएट की परीक्षा ली जा रही है. परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों के लिए केंद्र में प्रवेश के लिए कड़े निर्देश दिए गए है और उस निर्देश को उनके एडमिट कार्ड पर भी अंकित किया जा चुका हैं. निर्देश के अनुसार सभी परीक्षार्थी को परीक्षाकेंद्र में पहली पाली में सुबह साढ़े आठ से सुबह नौ बजे तक प्रवेश कर जाना था. उसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षाकेंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती. इस निर्देश के तहत सोमवार की सुबह 9 बजे से पहले शहर के सच्चिदानंद केंद्र पर ऐसा ही नजारा दिखा.

जब केंद्र का मुख्य द्वारा बंद करने की घोषणा हुई तो एक बालिका परीक्षार्थी उड़नपरी बन गई और पीटी उषा का नाम लेकर परीक्षाकेंद्र के मुख्य द्वार की दौड़ लगा दी। परीक्षार्थी इतनी तेजी से दौड़ी कि मुख्य द्वार के बंद होने से पहले ही पहुंच गई. इस दौरान कई परीक्षार्थी भी रेस लगा दी और समय पर पहुंचे. परीक्षार्थियों को दौड़ता देख लोगों के मुंह से यही निकल पड़ा कि पापा की परी आज बन गई उड़नपरी.

देर पहुंचने पर सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज केंद्र का गेट कूदकर अंदर पहुंची दो परीक्षार्थी, केंद्राधीक्षक ने पुलिस की मदद से निकाला बाहर

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे से इंटर मीडिएट की वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए भी परीक्षा समिति द्वारा पूर्व से ही कड़े निर्देश दिए जा रहे थे कि परीक्षार्थियों को हर हाल में सुबह नौ बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर जाना है और उसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

शहर के सिन्हा कॉलेज में 9 बजे मुख्यद्वार को बंद कर दिया गया. लेकिन दो परीक्षार्थी 9 बजकर 02 मिनट पर परीक्षा केंद्र पहुंची. काफी मिन्नत करने पर भी उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली. इसी दौरान तीन और परीक्षार्थी केंद्र पर पहुंची। पांची परीक्षार्थियों ने काफी अनुरोध किया. लेकिन केंद्र पर प्रतिनियुक्त कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों ने परीक्षा समिति के नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर आने नहीं दिया.

ऐसे में बाहर मौजूद अभिभावकों ने हंगामा किया और उन्हें गेट कूदकर अंदर जाने का दबाव बनाया. दो परीक्षार्थियों ने गेट को कूदकर अंदर प्रवेश तो कर गई. लेकिन उन्हें बाहर निकाल दिया गया. केंद्र पर प्रतिनियुक्त कर्मियों ने काफी समझाया लेकिन सभी परीक्षार्थी अंदर जाने की जिद करती रही. परन्तु नियम के आगे उनका अनुरोध नहीं चल सका और पांचों परीक्षार्थी प्रथम पाली की परीक्षा से वंचित रही.

jagjaahir desk

जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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