8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ीं, आज सुझाव भेजने का आखिरी दिन

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन एवं भत्तों में संशोधन के लिए गठित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की गतिविधियां तेज हो गई हैं। आयोग देशभर के कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और विभिन्न स्टाफ एसोसिएशनों से लगातार सुझाव और मांगें प्राप्त कर रहा है। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए अब लगभग 11 महीने का समय शेष है।
सुझाव और मांगें भेजने की आज अंतिम तारीख
आयोग द्वारा जारी मेमोरेंडम पर सुझाव और प्रतिक्रियाएं जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई थी। पहले यह समय सीमा कम थी, लेकिन कर्मचारी संगठनों की मांग पर इसे बढ़ाया गया ताकि सभी पक्ष अपनी बात प्रभावी ढंग से आयोग के सामने रख सकें। आज के बाद आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर हितधारकों के साथ बैठकें करेगा।
राज्यों में होंगे महत्वपूर्ण दौरे
आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 जून को लखनऊ में बैठक आयोजित होगी। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर तथा 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। इससे पहले मई 2026 में नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जा चुकी है।
मई 2027 तक आ सकती है अंतिम रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। 28 अक्टूबर 2025 को आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को कैबिनेट की मंजूरी मिली और 3 नवंबर 2025 को आयोग का औपचारिक गठन हुआ। निर्धारित समयसीमा के अनुसार आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
हालांकि पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए सिफारिशों को पूरी तरह लागू होने में कुछ और समय लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका पूर्ण क्रियान्वयन 2029 तक संभव है। राहत की बात यह है कि लागू होने पर कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर का लाभ मिलेगा।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी कर्मचारियों की नजर
वेतन वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। वर्तमान में कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। इससे पहले छठे वेतन आयोग में यह 1.86 और सातवें वेतन आयोग में 2.57 निर्धारित किया गया था।
रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन और नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) सहित कई संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। आयोग का कहना है कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सैलरी में कितना हो सकता है इजाफा
यदि कर्मचारियों की मांग के अनुसार 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो विभिन्न वेतन स्तरों पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
लेवल-1 कर्मचारियों की वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 69 हजार रुपये हो सकती है।
लेवल-10 अधिकारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से बढ़कर करीब 2.15 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
लेवल-18 के वरिष्ठ अधिकारियों की वर्तमान 2.5 लाख रुपये मासिक बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 9.6 लाख रुपये प्रति माह हो सकती है।










