बीजापुर में सुरक्षाबलों ने 1 नक्सली को मार गिराया:जंगल में फोर्स ने नक्सलियों को घेरा; एक दिन पहले सुकमा में 3 माओवादी मारे गए

बीजापुर जिले के इंद्रावती इलाके में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली का एनकाउंटर किया है। मौके से शव और हथियार बरामद कर लिया गया है। जंगल-पहाड़ों में पुलिस और नक्सलियों के बीच अब भी रुक-रुककर फायरिंग चल रही है।
आज (शुक्रवार) सुबह माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर जिला पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान सर्चिंग पर निकली DRG की टीम पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। फोर्स ने जवाबी फायरिंग में एक नक्सली को ढेर कर दिया है। मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और सर्चिंग जारी है।
1 दिन पहले ही सुकमा में 3 नक्सली ढेर किए गए थे। नक्सलियों के PLGA बटालियन नंबर 1 के कमांडर देवा की तलाश में निकले DRG जवानों की किस्टाराम एरिया कमेटी से मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 2 एरिया कमेटी मेंबर (ACM कैडर) समेत 3 नक्सलियों का एनकाउंटर कर दिया।
इस साल कुल 255 नक्सली मारे गए
सुकमा के SP किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने गोंदीगुड़ा के जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। 18 दिसंबर 2025 की सुबह सर्चिंग के दौरान DRG और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई।
मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली तो एक महिला और दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद किए गए। मौके से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सल सामान भी जब्त किया गया। बस्तर के IG सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर रेंज में इस साल कुल 255 नक्सली मारे जा चुके हैं।
तीनों माओवादी कोंटा-किस्टाराम एरिया में एक्टिव थे और कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे थे।
हथियार और विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ स्थल से 9 एमएम सर्विस पिस्टल, 12 बोर भरमार बंदूक, बीजीएल सेल, टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
IG बोले- माओवाद अंतिम दौर में
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी ने कहा कि, 2025 में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई में अब तक केंद्रीय समिति, DKSZC और PLGA कैडर समेत कुल 255 नक्सली मारे जा चुके हैं।
आईजी ने कहा कि, बस्तर में माओवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है। सक्रिय माओवादियों से अपील है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
3 दिसंबर को मुठभेड़ में मारे गए थे 12 नक्सली
इससे पहले 3 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) वेल्ला मोडियम भी मारा गया था। वहीं, इस एनकाउंटर में DRG के 3 जवान शहीद और 2 घायल हुए थे।
16 नवंबर- 3 नक्सली मारे गए थे
16 नवंबर 2025 को भेज्जी-चिंतागुफा के सीमावर्ती क्षेत्र में जवानों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया था। इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान तुमालपाड़ के जंगल में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला। नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। सुबह से दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई। इसमें तीन नक्सली मारे गए थे। जवानों ने सर्चिंग के दौरान जंगल से तीनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे।









