कोरबा: धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग: पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम आंदोलन की तैयारी में…

कोरबा: कोरबा जिले में धन खरीदी में किसानों को आ रही समस्याओं का मुदा उठाने के बाद अब पाली-तानाखार के विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम अब जोरदार आंदोलन की तैयारी में जुटे हुए है.

विधायक ने कहा है कि, सरकार अगर धन खरीद की लिमिट नहीं बढ़ाती है तो वह किसानों के साथ आंदोलन की ओर सड़क पर उतरने के लिए तैयार रहें. उन्होंने साय सरकार को चेतावनी भी देते हुए किसानों के समस्याओं को सुलझाने की अपील भी की थी.

विधानसभा के शीत सत्र में उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है, लेकिन सरकार के नए नियमों के चलते किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. टोकन, रकबा और खरीदी सीमा को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं.

पिछले दिनों पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए धान खरीदी में आ रही समस्याओं को उठाया था. उन्होंने दावा किया था कि कोरबा जिले में राजस्व अभिलेखों की ऑनलाइन त्रुटियों के कारण किसान कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

खरीदी लिमिट घटने और नियमों पर सवाल

विधायक ने आरोप लगाया था कि पिछले वर्ष की तुलना में धान खरीदी की सीमा घटा दी गई है. अधिक नमी और सूखे धान का हवाला देकर किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिससे किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

क्या लिखा था ध्यानाकर्षण में?

अपने ध्यानकर्षण पत्र में विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने लिखा, “प्रदेश सरकार किसानों का एक-एक दाना धान समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ क्रय किए करने हेतु दृढ़ संकल्पित है. चूंकि कोरबा जिला औद्योगिक जिला है साथ ही आधे से ज्यादा आबादी कृषि पर आधारित है, और यहां के किसान कृषि पर निर्भर है. किन्तु दुर्भाग्य है कि पूरे जिले में किसानों के राजस्व अभिलेखों में ऑनलाइन त्रुटि (धान रकबा शून्य, गिरदावरी, एग्रीस्टिक, कैरिफोरवर्ड नहीं होना) जैसे व्यापक त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिसके सुधार हेतु ऋणी अऋणी किसान कार्यालयों के चक्कर लगाने मजबूर एवम् परेशान है. साथ धान उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी मात्रा कम करने के नियत से पिछले वर्ष कि तुलना में खरीदी लिमिट आधा कर दिया गया है, एवम धान का अधिक सूखा व अधिक नमी होना बताकर भोले-भाले किसानों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। जिसके कारण किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति रोष एवम् आक्रोश व्याप्त है.”

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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