एसएसपी ने ली पुलिस अफसरों की समीक्षा बैठक:आम लोगों से अच्छा व्यवहार करने दिए निर्देश, बोले- मुंशी-मददगार सिर्फ परेशान करने के लिए नहीं हैं

दुर्ग में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने रविवार को भिलाई के पुलिस नियंत्रण कक्ष में समीक्षा बैठक की। इसमें जिले के सभी अधिकारियों के रीडर, थाना और चौकी में काम करने वाले मुंशी, मददगार और रीडर मौजूद थे।
बैठक के दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए कि वे आम जनता के साथ व्यवहार सुधारें और उनकी बातें धैर्यपूर्वक सुनें।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि वर्ष 2025 के समाप्त होने से पहले लंबित पत्रों का जल्दी निपटारा किया जाए, थानों में रखे जाने वाले विभिन्न रजिस्टरों की समीक्षा की जाए और वर्ष 2026 में पुलिस के कामकाज को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाए।
आम लोगों की समस्या को सुनने पर जोर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने कहा कि पुलिस का सबसे पहला दायित्व आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि फरियादियों की बातें धैर्यपूर्वक सुनी जाएं और उनकी समस्याओं का समय पर और संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाए।
रजिस्टर और पत्रों का सही संचालन सुनिश्चित करें
बैठक में क्राइम रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, समन्स-वारंट रजिस्टर, वीसीएनबी, इंडेक्स, सस्पेक्ट और सजायाब रजिस्टरों की विस्तार से समीक्षा की गई। सभी रजिस्टरों को सही तरीके से और तय प्रोफार्मा के अनुसार रखने के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दिया गया।
साथ ही पुलिस कार्यालय को मिले पत्रों का जवाब तय समय के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रशासनिक काम में अनावश्यक देरी न हो और वर्ष 2026 में रजिस्टर व्यवस्थित तरीके से रखे जा सकें।
डिजिटल पुलिसिंग पर फोकस करने निर्देश एसएसपी ने थानों के कामकाज को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग से काम में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिकॉर्ड रखने, निगरानी करने के साथ अपराध नियंत्रण में आसानी होगी।
बैठक में सभी थाना और पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में रात की निगरानी बढ़ाएं, गुंडा-बदमाशों की नियमित जांच करें और सारी सूचनाएं अपनी इन्फॉर्मेशन और ऑब्जर्वेशन नोटबुक में दर्ज करें।









