एक झगड़ा, दो मौतें और 17 साल का इंतज़ार—अब मिली उम्रकैद की सजा

गाजीपुर : जनपद न्यायालय के एडीजी फर्स्ट अली राजा जी की कोर्ट ने धारा 304 के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 14000 के जुर्माने की सजा सुनाई.सजा पाने वाले में पति-पत्नी और उनके बेटा और बेटी शामिल है. सन 2008 में शादियाबाद थाना क्षेत्र के हंसराजपुर गांव में दो पट्टीदारों के बीच में झगड़ा हुआ और इस झगड़े में एक पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें से दोनों को अस्पताल ले जाया गया जिसमें श्री राम सिंह घटना के दूसरे दिन मृत हो गए.

वहीं दूसरे घायल लक्ष्मण अवतार जो घटना के एक महीने 23 दिन के बाद कोमा में रहने के दौरान मौत हो गई थी जिसमें धारा 304 के साथ ही कई मैं अन्य धाराओं में मामला चला जिसके बाद आज कोर्ट ने चार अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाने के साथ ही 14000 रुपए की जुर्माने की भी सजा सुनाई उन्होंने बताया कि इसमें 11 गवाह शामिल रहे जिसमें से चार प्राइवेट गवाह थे जिसमें दो दावों ने घटना का समर्थन किया.

2 ने आंशिक रूप से होरस्टाइल हुए थे मुकदमा वादी के बयान पर ही आधारित था और वादी के बयान पर ही आज सजा सुनाई गई है.आजीवन सजा पाने वाले में विंध्याचल सिंह, शीला सिंह जो पति-पत्नी है इसके अलावा वंदना सिंह और बृजेश सिंह बेटा और बेटी शामिल थे जिन्हें आज सजा सुनाई गई है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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