रायबरेली में शिक्षक बने ‘डॉग ट्रैकर’! स्कूल छोड़ सड़क पर गिनेंगे आवारा कुत्ते?

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी का सभी शिक्षकों को एक अजीबोगरीब निर्देश दिया गया है.इस निर्देश के बाद जिले के सभी सरकारी शिक्षक आवारा कुत्तों की गिनती करेंगे.सरकारी शिक्षक अब डॉग ट्रैकर के रूप में काम करेंगे.रायबरेली बीएसए की तरफ से सभी शिक्षकों को आदेश दिया गया है.शिक्षकों को इस काम के लिए अलग मेहनताना नहीं मिलेगा.स्कूलों से निकलकर शिक्षक अब सड़कों पर आवारा कुत्तों की गिनती करेंगे.
बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद रायबरेली शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है.इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि अभी तो एसआईआर के काम भी पूरे नहीं हुए हैं और अब यह नया निर्देश मिल गया है कि आवारा कुत्तों को चिह्नित कर उनकी गिनती करना है.
स्कूल में बच्चों को पढ़ाई कराएं कि आवारा कुत्तों की गिनती करें.शिक्षकों के कंधों पर काम का बोझ बहुत हो गया है.पहले बीएलओ बनकर एसआईआर का काम कर रहे हैं और अब आवारा कुत्तों की गिनती का काम मिल गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा.
रायबरेली बीएसए ने किया इनकार
वहीं, इस मामले में बीएसए रायबरेली राहुल सिंह ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर जिले के सभी शिक्षकों को ऐसा निर्देश दिया गया है कि स्कूलों की बाउंड्रीवॉल कराई जाए, जिससे स्कूली बच्चों को आवारा कुत्तों की हमलों से बचाया जा सके. सतर्कता और बचाव के निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि शिक्षकों को अपनी परिधि क्षेत्र में मौजूद आवारा कुत्तों की गिनती करनी हो। शिक्षकों का गणना से कोई लेना-देना नहीं है.









