फर्जी डॉक्टर, फर्जी मरीज… अल फलाह यूनिवर्सिटी पर कसता शिकंजा, ED जांच में बड़ा खुलासा

हरियाण के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि नेशनल मेडिकल कमीशन से जुड़ी इंस्पेक्शन और परमिशन की प्रक्रिया फर्जी तरीकों से मैनेज की जाती थी.

पैसों की हेराफरी आई सामने

दिल्ली में हुए आतंकी हमले की जांच में भी यह मामला अहम माना जा रहा है. हमले का आत्मघाती आतंकी उमर नबी, जो Al Falah यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था, के अलावा गिरफ्तार आरोपी मुज़म्मिल का भी यूनिवर्सिटी से संबंध रहा है.

ED की जांच में रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के ज़रिए पैसों की हेराफेरी भी सामने आई है. मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल निर्माण का काम Karkun Construction & Developers को दिया गया, जिसमें जवाद अहमद सिद्दीकी बेटे अफहम अहमद सिद्दीकी की 49% हिस्सेदारी, बेटी आफिया सिद्दीका की 49% हिस्सेदारी है, 2% एक कर्मचारी के नाम है.

हॉस्टल की कैटरिंग का ठेका Amla Enterprises LLP को दिया गया, जिसमें पत्नी उस्मा अख्तर की 49%, बेटे अफहम अहमद की 49% हिस्सेदारी है. इसके अलावा आरोपी के भाई की फर्म Star Foods भी यूनिवर्सिटी को सप्लाई करती रही है.

ED का कहना है कि ये सभी कंपनियां असल में जवाद अहमद सिद्दीकी के नियंत्रण में चल रही थीं, लेकिन इन्हें आयकर रिटर्न या अन्य सरकारी दस्तावेजों में नहीं दिखाया गया.

ED किन बिंदुओं पर कर रही है जांच

  • शिक्षा और चैरिटेबल संस्थानों के ज़रिए अपराध की कमाई को खपाने की कोशिश
  • चैरिटेबल फंड और ज़मीन की खरीद में गड़बड़ी
  • नियमों का उल्लंघन (NMC, UGC, NAAC से जुड़े नियम)
  • विदेशों में संपत्ति और परिवार के विदेश में बसने के संकेत
  • बेटे और बेटी की दोहरी नागरिकता से जुड़े सवाल

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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