मध्यप्रदेश में बिना हेलमेट दोपहिया चलाना पड़ेगा महंगा, जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये करने की तैयारी

मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। हेलमेट नहीं पहनने पर अब 300 रुपये की जगह 500 रुपये अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव किया गया है। यह जुर्माना न केवल वाहन चालक बल्कि पीछे बैठने वाले के लिए भी समान रूप से लागू होगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार नए प्रावधान जनवरी 2026 से लागू हो सकते हैं। इससे पहले भी प्रदेश में अर्थदंड बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका के चलते इसे स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। हालांकि, लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं ने सरकार को एक बार फिर सख्त फैसला लेने के लिए मजबूर कर दिया है।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में दोपहिया वाहन सवारों की संख्या सबसे अधिक है। इनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग बिना हेलमेट के सफर कर रहे थे। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 14 हजार 791 लोगों की मौत हुई, जिनमें 6541 लोग बिना हेलमेट वाहन चला रहे थे या पीछे बैठे थे।
वर्तमान में चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 500 रुपये का चालान किया जाता है, जबकि पड़ोसी राज्यों में हेलमेट नहीं पहनने पर कहीं ज्यादा जुर्माना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में यह राशि 1000 रुपये है, जबकि छत्तीसगढ़ में 500 रुपये का अर्थदंड लगाया जाता है। इसी तुलना को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी जुर्माना बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने भी प्रदेश का दौरा कर नियमों के सख्त पालन और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 15 से 20 दिनों के भीतर हेलमेट नहीं लगाने पर बढ़े हुए अर्थदंड की अधिसूचना जारी की जा सकती है।









