राजस्थान: 4 माह की गर्भवती नवविवाहिता की हत्या, चुपके से किया अंतिम संस्कार; पति गिरफ्तार

धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले से दहेज हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मनियां थाना क्षेत्र के इंछापुरा गांव में दहेज की मांग को लेकर चार माह की गर्भवती विवाहिता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. आरोप है कि हत्या के बाद ससुराल पक्ष ने मृतका के मायके वालों को बिना सूचना दिए उपलों के बिटोरा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया और इसके बाद घर पर ताला लगाकर फरार हो गए. इस घटना से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है.
मृतका की पहचान 24 वर्षीय गुड़िया के रूप में हुई है. घटना की जानकारी उसकी बड़ी बहन पिंकी ठाकुर को मिली, जिसने तुरंत परिजनों को सूचित किया. सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग इंछापुरा स्थित ससुराल पहुंचे, जहां उन्होंने चिता जलती हुई देखी. परिजनों ने तत्काल चिता पर पानी डलवाकर आग बुझवाई और पुलिस को सूचना दी.
सूचना पर मनियां थाना पुलिस और सीओ खलील अहमद खिलजी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाकर घटनास्थल और चिता से साक्ष्य एकत्र किए. जिला अस्पताल से चिकित्सकों की टीम बुलाकर शव के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया. साथ ही डीएनए जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं.

पुलिस जांच में घटनास्थल से खून के निशान, कुल्हाड़ी, फावड़ा, लाठी सहित अन्य सामान जब्त किया गया है. घर के अंदर सामान बिखरा हुआ और खून फैला मिला, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हुई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति पंकज ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घटना के बाद से फरार हैं. उनकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं.
मृतका के पिता देवेंद्र सिंह परमार, निवासी घड़ी तुलसी, खेरागढ़ (आगरा, उत्तर प्रदेश) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी गुड़िया की शादी 28 मई 2025 को इंछापुरा गांव निवासी पंकज पुत्र लाल सिंह ठाकुर से की थी. शादी में लगभग 15 लाख रुपये नकद, बाइक, घरेलू सामान और जेवरात दहेज में दिए गए थे.
शिकायत के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज में कार, सोने की चेन और भैंस की मांग की जाने लगी. मांग पूरी न होने पर गुड़िया के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी. उस समय गुड़िया चार माह की गर्भवती थी.
पुलिस के अनुसार, आरोपी पति पंकज को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था. वह उसे मायके जाने, किसी से बातचीत करने और बाहर निकलने से रोकता था. इसी शक के चलते अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी.
मनियां सीओ खलील अहमद खिलजी ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है. एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.











