रीवा में खाकी का मानवीय चेहरा, आत्महत्या कर रही युवती को बचाया; ASP ने किया खुलासा

रीवा: पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि समाज में उम्मीद की लौ जलाए रखना भी है. मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया में खाकी की संवेदनशीलता का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ सेमरिया थाना पुलिस ने अपनी सूझबूझ और धैर्य से एक युवती को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया.
घटना बीते कल की है, जब दोपहर करीब 12:30 बजे सेमरिया थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक युवती पूर्वा फॉल की रेलिंग को पार कर चुकी है और छलांग लगाने की कोशिश कर रही है. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सेमरिया विकाश कपीस अपनी पूरी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे.
मौके पर पहुंची पुलिस टीम के सामने स्थिति अत्यंत नाजुक थी. युवती काफी गुस्से और तनाव में थी. पुलिस ने बल प्रयोग करने के बजाय ‘संवाद’ का रास्ता चुना. थाना प्रभारी और उनकी टीम ने युवती से बात करना शुरू किया. करीब ढाई घंटे तक चली इस लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद युवती का गुस्सा शांत हुआ. पुलिस की बातों ने उसके भीतर जीने की इच्छा को फिर से जगा दिया और वह रेलिंग के सुरक्षित हिस्से की ओर वापस लौट आई.
पारिवारिक विवाद बना था कारण
पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान यह बात सामने आई कि युवती का अपने घर-परिवार के लोगों के साथ किसी बात पर गंभीर वाद-विवाद हो गया था. इसी आवेश में आकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का मन बना लिया था. पुलिस ने न केवल युवती की जान बचाई, बल्कि उसे मानसिक संबल भी प्रदान किया.
पुलिस की सक्रियता की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेमरिया थाना प्रभारी और उनकी टीम के ‘एक्टिव रिस्पांस’ की जमकर सराहना की है. यह घटना साबित करती है कि यदि पुलिस सही समय पर और सही तरीके से हस्तक्षेप करे, तो अनहोनी को टाला जा सकता है.











