तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ: ’बीमारू’ से ‘रेवेन्यू सरप्लस’ बना उत्तर प्रदेश- मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह

रायबरेली: जनपद के जीआईसी ग्राउंड में आज तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह रहे। इस अवसर पर बीजेपी जिलाध्यक्ष बुद्धि लाल पासी, शिवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
जल जीवन मिशन पर नाराजगी, आयुष्मान भारत पर संतोष
मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कार्यक्रम में लगे विभिन्न विभागों के स्टालों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब वह जल जीवन मिशन के स्टॉल पर पहुंचे, तो वहां की कार्यप्रणाली और प्रगति देख वह बिफर पड़े। मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि “आपका कार्य संतोषजनक नहीं है.”
इसके उलट, स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर पहुँचने पर मंत्री के तेवर बदले नजर आए। उन्होंने सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा से आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की जानकारी ली। डेटा और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य देख मंत्री ने अपनी खुशी जाहिर की और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना की.
अन्नप्राशन और दिव्यांगों का सम्मान
उत्सव के दौरान मंत्री ने नन्हे बच्चों को चम्मच से खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल व अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। मंत्री ने उन्हें माला पहनाकर और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया.
’बीमारू’ से ‘रेवेन्यू सरप्लस’ बना उत्तर प्रदेश
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा:
ऐतिहासिक महत्व: 24 जनवरी 1950 को ‘संयुक्त प्रांत’ का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया था.
आर्थिक प्रगति: योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में यूपी ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से निकलकर आज ‘रेवेन्यू सरप्लस’ राज्य बन चुका है.
भविष्य का लक्ष्य: बहुत जल्द उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा। वहीं, 2047 तक जब भारत विकसित राष्ट्र होगा, तब यूपी की इकोनॉमी 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी.
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पहले प्रदेश के श्रमिकों को बाहर उपेक्षा की नजर से देखा जाता था, लेकिन आज यूपी का नागरिक होना गर्व की बात है.











