कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर फहराया गया तिरंगा, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति की नई शुरुआत

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्र कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुरक्षाबलों ने तिरंगा फहराकर एक ऐतिहासिक संदेश दिया। करीब 5000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नवीन सुरक्षा कैम्प में पूरे सम्मान और गर्व के साथ ध्वजारोहण किया गया।
यह वही क्षेत्र है, जहां हाल ही में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने एक माह तक लगातार अभियान चलाया था। अब उसी धरती पर लोकतंत्र, शांति और सुरक्षा की मजबूती का प्रतीक बनकर तिरंगा लहराता नजर आया। यह आयोजन क्षेत्र में बदलते हालातों और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाता है।
नवीन सुरक्षा कैम्पों में आयोजित कार्यक्रम में सुरक्षाबलों के साथ जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। सभी ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देशभक्ति के नारों के साथ गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाया।
इस अवसर पर ग्रामीणों और बच्चों ने प्रभात फेरी भी निकाली। वंदे मातरम और जय हिंद के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कभी नक्सल हिंसा और भय के साये में रहने वाले गांवों में अब शांतिपूर्ण माहौल देखने को मिला।
जिन क्षेत्रों में पहले असुरक्षा और तनाव का माहौल रहता था, वहां आज ग्रामीण सुरक्षाबलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्रीय पर्व मना रहे हैं। यह आयोजन न केवल गणतंत्र दिवस का उत्सव था, बल्कि बीजापुर के अंदरूनी इलाकों में विश्वास, विकास और लोकतंत्र की मजबूत होती जड़ों का भी प्रतीक बन गया है।











