सौगंध का सियासी गणित उलझा: पार्षदों ने मंदिर में खाई कसम, फिर भी BJP को मिले सिर्फ 5 वोट

नगर परिषद सभापति चुनाव के नतीजे के बाद राजस्थान के सिरोही की सियासत में एक दिलचस्प सवाल चर्चा का विषय बन गया है. सौगंध पांच ने खाई, बीजेपी को वोट पांच ही मिले, तो फिर कसम किसकी सच्ची और किसकी झूठी? दरअसल, सभापति चुनाव से पहले वार्ड नंबर 1 की बीजेपी पार्षद पूनम अनिल प्रजापत, वार्ड नंबर 16 के मनीष प्रजापत, वार्ड नंबर 17 के गौरव, वार्ड नंबर 19 की संतोष और वार्ड नंबर 21 के सुनील गुप्ता के शनेश्वर जी महादेव मंदिर पहुंचकर सौगंध लेने का मामला चर्चा में रहा. पार्षदों के मंदिर में गंगाजल लेकर कसम खाने का वीडियो भी सामने आया है.
अब चुनाव परिणाम ने इस पूरे घटनाक्रम को और रोचक बना दिया. बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी पूजा माली को केवल 5 वोट मिले. बीजेपी के कुल 10 पार्षदों में से पार्टी प्रत्याशी को मिले पांच मतों में प्रत्याशी का अपना वोट भी शामिल माना जाए, तो बाकी पार्षदों के मतदान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सियासी पहेली यहीं से शुरू होती है. मंदिर में सौगंध लेने वाले पांच पार्षद अलग हैं और बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी पूजा माली उन पांच में शामिल नहीं थीं. ऐसे में शहर में सवाल उठ रहा है कि अगर पांचों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की सौगंध खाई थी, तो भाजपा के खाते में पांच से ज्यादा वोट क्यों नहीं पहुंचे?
चर्चा में सौगंध बनाम वोट का गणित
यही गणित अब राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है. हालांकि मतदान गोपनीय होने के कारण किसी भी पार्षद के व्यक्तिगत वोट को लेकर आधिकारिक रूप से यह कहना संभव नहीं है कि किसने किसे मतदान किया, लेकिन सियासी गलियारों में व्यंग्य जरूर चल पड़ा है- सौगंध पांच की, प्रत्याशी का वोट अलग फिर भाजपा के खाते में हिसाब कम क्यों? इस चुनाव परिणाम ने सवाल छोड़ दिया है और सिरोही की राजनीति में अब सौगंध बनाम वोट का गणित खूब चर्चा बटोर रहा है.
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