इटावा-बरेली में खौफनाक साज़िश! लव मैरिज के दो महीने बाद IVRI कर्मी की गला घोंटकर हत्या

इटावा: लव मैरिज के बाद खुशहाल जीवन के सपने देख रहे एक युवक की ज़िंदगी महज़ दो महीने में खत्म कर दी गई. इटावा के इज्जतनगर निवासी और इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) में संविदा पर कार्यरत 33 वर्षीय जितेंद्र यादव की बरेली के इज्जतनगर इलाके में संदिग्ध हालात में मौत का मामला अब आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या निकला है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके मायके पक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है.
यह सनसनीखेज घटना 26 जनवरी की है, जब जितेंद्र यादव की लाश बरेली के दुर्गा नगर कॉलोनी स्थित किराए के कमरे में फांसी के फंदे से लटकी मिली थी. शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत कराया गया, लेकिन परिजनों को शुरू से ही इसमें साज़िश की बू आ रही थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने परिजनों के शक को सही साबित कर दिया.
जितेंद्र अपनी जान को लेकर डरा हुआ था और उसने साफ कहा था कि-
मृतक के भाई अजय कुमार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जितेंद्र की पत्नी ज्योति प्रजापति लगातार उस पर पुश्तैनी ज़मीन बेचने का दबाव बना रही थी, ताकि कार और मकान खरीदा जा सके. विरोध करने पर उसे झूठे दहेज मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। इस मानसिक उत्पीड़न में ज्योति के माता-पिता कालीचरण और चमेली, तथा भाई दीपक की भी सक्रिय भूमिका बताई गई है.
परिजनों ने बताया कि जितेंद्र अपनी जान को लेकर डरा हुआ था और उसने साफ कहा था कि वह परिवार की संपत्ति नहीं बेचेगा. दोनों की पहचान करीब सात साल पुरानी थी और दो महीने पहले उन्होंने परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था.
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पोस्टमार्टम में गला घोंटने की पुष्टि के बाद मामले को हत्या में तब्दील कर दिया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं अंतर-जातीय विवाह का विरोध इस निर्मम हत्या की वजह तो नहीं बना। फिलहाल सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं.











