मुआवजा दोगुना: वन्यजीव हमले में मौत पर 10 लाख, सीरप मौतों को लेकर कांग्रेस ने खींवसर को घेरा

वन्य जीवों के हमले में मौत होने पर अब सरकार 10 लाख रुपए मुआवजा देगी। बाड़ी (धौलपुर) से भाजपा विधायक जसवंत गुर्जर के सवाल के जवाब में वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा- मानव, वन्य जीव संघर्ष से होने वाली मौत पर अभी 5 लाख का मुआवजा मिलता है। सरकार अब इसे बढ़ाकर 10 लाख करने जा रही है। इसके लिए नियमों में संशोधन करने की प्रक्रिया चल रही है।
उधर, राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान फ्री दवा योजना में ओपीडी बढ़ने के बावजूद खर्चा कम होने और कफ सीरप से हुई मौतों के मामले में कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले पर सवाल उठाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- हमारे डॉक्टर की सलाह पर दवा नहीं दी गई। अगर डॉक्टर की सलाह से दी गई होती और उससे मौतें होतीं तो डॉक्टर और सरकार की जिम्मेदारी होती।
कोई बाहर से दवा लेकर दे दे और उससे मौत हो जाए तो डॉक्टर और सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं होती। बिना डॉक्टर और अस्पताल की सलाह के दवा लेने पर न सरकार जिम्मेदार है और न डॉक्टर।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा- कफ सीरप मामले में ज्यादा मौतें नहीं हुईं। दो, चार-पांच ही मौतें हुई हैं। माता-पिता जो दवा लेकर आए वही कफ सीरप का डोज बच्चों को दे दी। उसमें कोडीन जैसे कई केमिकल होते हैं। कफ सीरप के ओवरडोज की वजह से मौतें हुई हैं। दवाई की वजह से कोई डेथ नहीं हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा- कफ सीरप कांग्रेस राज के समय से ही चलती आ रही है। 2014 से ही यही दवा चल रही है। स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री खुद मान रहे हैं कि ओवरडोज की वजह से मौतें हुई हैं। यह कंपनी कई जगह ब्लैकलिस्ट हुई है, हो सकता है पहले ठीक हो और बाद में खराब हो गई हो।











