पूर्व मंत्री कवासी लखमा एक साल बाद जेल से रिहा, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा करीब 379 दिनों बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए हैं। जेल से बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। समर्थकों की मौजूदगी में लखमा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले।
रिहाई के बाद कवासी लखमा समर्थकों के साथ गाड़ी की बोनट पर सवार होकर आगे बढ़े, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। जेल के बाहर और आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान उनकी पत्नी बुधरी ने कहा कि पति की रिहाई की चिंता में उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो गया था, लेकिन अब उन्हें राहत महसूस हो रही है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को अंतरिम जमानत दी है। यह राहत प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा से जुड़े मामलों में मिली है। जमानत की शर्तों के अनुसार लखमा को फिलहाल छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। केवल कोर्ट में पेशी के समय ही वे राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वर्तमान पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनसे रिमांड पर पूछताछ की गई और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। तभी से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
लखमा के बेटे हरीश लखमा ने रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की जीत हुई है। वहीं, समर्थकों ने जेल के बाहर मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
शराब घोटाले मामले में ईडी का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के अहम सदस्य थे और उनके निर्देश पर यह नेटवर्क काम करता था। एजेंसी के अनुसार, शराब नीति में बदलाव और लाइसेंस व्यवस्था के जरिए अवैध कमाई की गई। ईडी का दावा है कि इस घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और सिंडिकेट के जरिए हजारों करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही जांच में देरी को लेकर ईडी को फटकार लगा चुका है और जांच अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि लंबी अवधि तक बिना ठोस प्रगति के किसी को जेल में रखना उचित नहीं है।
कवासी लखमा की रिहाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।










