सूरजपुर: पत्नी की मौत के 3 साल बाद पति गैर इरादतन हत्या का दोषी, 10 साल की सजा

सूरजपुर: एक साधारण-सी सुबह… एक पड़ोसन की आवाज… और किचन के फर्श पर पड़ा कंबल, जिसके नीचे छिपा था एक खौफनाक सच. कॉलेज रोड सूरजपुर में पत्नी की मौत के करीब तीन साल बाद न्यायालय ने उस सच पर से पर्दा उठाते हुए पति को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है.
मामला 20 जनवरी 2023 का है. सुबह के समय पड़ोस में रहने वाली बबिता सुपा मांगने के लिए धनरासो उर्फ निशा सिंह के घर पहुंची. बाहर से आवाज दी गई, लेकिन भीतर सन्नाटा था. जब घर के अंदर जाकर देखा गया तो किचन कमरे में कंबल से ढकी महिला पड़ी थी. कंबल हटते ही सामने आई एक लाश, निशा अब जीवित नहीं थी.
घटना के समय घर से गायब था उसका पति रामरतन देवांगन. सूचना पर थाना सूरजपुर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई और बाद में अपराध क्रमांक 39/2023 धारा 302 भा.दं.सं. के तहत मामला दर्ज हुआ. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया. प्रकरण की विवेचना एसआई दिनेश राजवाड़े द्वारा की गई. गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोप पत्र अपर सत्र न्यायालय (एफटीसी) सूरजपुर में पेश किया गया.
मामले की सुनवाई माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) मानवेन्द्र सिंह के न्यायालय में हुई. न्यायालय ने यह माना कि घटना हत्या की श्रेणी में तो आती है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर इसे इरादतन हत्या (धारा 302) के बजाय गैर इरादतन हत्या (धारा 304 प्रथम भाग) माना जाना उचित है. न्यायालय ने निर्णय दिनांक 31 जनवरी 2026 को सुनाते हुए आरोपी रामरतन देवांगन को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
तीन साल पुराने इस मामले में आए फैसले ने यह साफ कर दिया कि अपराध चाहे घर की चारदीवारी में क्यों न हुआ हो- कानून की नजर से वह बच नहीं सकता.











