पीएम आवास में पेशी, बाल विवाह पर रोक और प्रशासनिक सख्ती… सूरजपुर में एक साथ दिखी कई कार्रवाई

सूरजपुर: जिले में कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन में प्रशासन ने जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों पर एक साथ सख्त और संवेदनशील रुख अपनाया है. पीएम आवास योजना में लापरवाही पर एसडीएम के समक्ष पेशी, बाल विवाह पर त्वरित रोक, शिक्षा और पोषण कार्यक्रमों में सक्रियता, तथा न्यायिक और कानूनी जागरूकता अभियानों के जरिए प्रशासन की ज़मीनी मौजूदगी साफ नजर आई.
पीएम आवास (ग्रामीण): राशि लेने के बाद मकान नहीं बनाने वालों की पेशी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राशि प्राप्त करने के बावजूद आवास निर्माण शुरू नहीं करने वाले हितग्राहियों को एसडीएम रामानुजनगर अजय मोडियम के समक्ष पेश किया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में राशि वसूली और आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस पेशी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट संदेश गया कि अब योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
बाल विवाह पर त्वरित हस्तक्षेप, दो नाबालिगों का विवाह रोका

जिला बाल संरक्षण इकाई ने सूरजपुर और रामानुजनगर विकासखंड में दो 16 वर्षीय नाबालिग बालिकाओं का विवाह सगाई के दौरान ही रुकवाया. उम्र सत्यापन के बाद पंचनामा तैयार कर परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई. परिजनों ने प्रशासन के समक्ष बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने की सहमति दी.
एकलव्य विद्यालय प्रवेश: आवेदन की तिथि बढ़ी
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि अब 11 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है. त्रुटि सुधार 12 से 14 फरवरी तक और प्रवेश परीक्षा 01 मार्च 2026 को होगी.
‘परीक्षा पे चर्चा’ और वजन त्यौहार से बच्चों पर फोकस
प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विद्यालयों में किया गया. वहीं जिले के 2080 आंगनबाड़ी केंद्रों में 09 से 18 फरवरी तक वजन त्यौहार आयोजित कर बच्चों के पोषण स्तर का आकलन किया जा रहा है.
कानूनी जागरूकता और लोक अदालत
ग्रामीण क्षेत्रों में पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और निःशुल्क विधिक सहायता पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए. वहीं 14 मार्च 2026 को जिले में नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी. चाहे पीएम आवास में पेशी हो या बाल विवाह पर त्वरित रोक, सूरजपुर प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई दर्शाती है कि अब योजनाओं में ढिलाई और सामाजिक अपराधों पर सीधा और ठोस एक्शन लिया जा रहा है.











