मनरेगा में नियमों का उल्लंघन : सुबह मजदूर, दोपहर बाद जेसीबी से करा रहे काम, पंचायत और प्रशासन पर उठे सवाल

खैरागढ़. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्रामीणों को रोजगार देने की मंशा पर ग्राम पंचायत चोरलाडीह में सवाल खड़े हो गए हैं। यहां मनरेगा के तहत चल रहे कार्य स्थल पर मजदूरों के साथ-साथ जेसीबी मशीन से भी काम कराए जाने का मामला सामने आया है, जिससे योजना के नियमों और पारदर्शिता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है।
इस पूरे मामले में सरपंच प्रतिनिधि केवल सिंह ध्रुव का बयान भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि वे सुबह लगभग 10 बजे तक ही मौके पर रहते हैं और उसके बाद वहां क्या होता है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पंचायत प्रतिनिधि का यह बयान जिम्मेदारी से बचने का प्रयास माना जा रहा है, क्योंकि योजना के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी पंचायत और संबंधित अधिकारियों की होती है।
मनरेगा योजना के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को रोजगार देना प्राथमिक उद्देश्य है और श्रम आधारित कार्यों में मशीनों का उपयोग प्रतिबंधित है। ऐसे में यदि मशीन से कार्य कराया जा रहा है तो यह न केवल योजना के नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे मजदूरों के रोजगार के अधिकार पर भी सीधा असर पड़ता है। फिलहाल इस पूरे मामले में जनपद पंचायत और संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे प्रशासन की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।










