बलिया में ‘दिशा’ बैठक में विकास पर मंथन, सांसद-मंत्री के सामने खुली कई विभागों की पोल

बलिया : जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को विकास भवन सभागार में सांसद सलेमपुर रमाशंकर राजभर की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सांसद सनातन पांडेय, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया. बैठक में 58 बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए.
साथ ही प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत एनएच-31 से टुटवारी, बघौना और दुलारपुर गांव को जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत तत्काल कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए.
जिले के दयाछपरा चट्टी से भुवालछपरा होते हुए नौरंगा तक सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने को कहा गया. एनएच-31 पर लगने वाले जाम की समस्या के निस्तारण के लिए भी संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया.
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए गए. महिला स्वयं सहायता समूहों के तहत सभी ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कराने तथा उनकी सूची बलिया एनआईसी पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया.
बताया बलिया में दुग्ध उत्पादन पूर्व से स्थापित है उसको पुनः शुरू करने पर चर्चा हुई. जिस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इसका प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सिकंदरपुर तहसील के ग्राम मालदा तक जाने वाली सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए. स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए.
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कर पात्र व्यक्तियों को आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई. सिकंदरपुर मंडी की खराब सड़क की मरम्मत कराने तथा बैरिया में निर्मित मंडी का उद्घाटन कराने के निर्देश दिए गए.
बैठक में बताया गया कि मोथा तूफान से बैरिया क्षेत्र के किसानों की फसल को हुए नुकसान की भरपाई की राशि उनके खातों में भेज दी गई है. अटल शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 के अंतर्गत बलिया शहर में प्रतिदिन लगभग 100 टन कचरा एकत्रित होने की समस्या पर भी चर्चा हुई. इसके निस्तारण के लिए जमीन खरीदने या किराए पर लेने के विकल्प पर विचार किया गया.
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को चेयरमैन से समन्वय कर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए गए. जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. बताया गया कि निर्माण एजेंसी लखनऊ से नामित हो चुकी है और डीपीआर इसी माह आने के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा. जिला कारागार को तोड़कर नए निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए डीपीआर आने के बाद कार्य शुरू होगा.
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को वर्ष 2025 के प्रस्तावित कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने तथा सभी गांवों का डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए. जनपद बलिया से लखनऊ जाने वाली बसों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा भी उठा. बताया गया कि वर्तमान में रात 8 बजे केवल एक बस संचालित है. इस पर परिवहन मंत्री ने रात लगभग 11 बजे एक और बस चलाने की व्यवस्था जल्द कराने का आश्वासन दिया.
इसके अलावा शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शहर के बाहर बाईपास बनाने का सुझाव दिया गया, जो रसड़ा, बक्सर और गड़वार मार्गों को जोड़ सके. इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है.
बैठक में परिवार मंत्री दयाशंकर सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, विधानसभा फेफना संग्राम सिंह, विधानसभा बैरिया जयप्रकाश अंचल, विधानसभा बेल्थरारोड हंसूराम, विधानसभा सिकंदरपुर जियाउद्दीन रिजवी, विधानसभा बलिया सनातन पाण्डेय, रवि शंकर उर्फ पप्पू एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे.










