छत्तीसगढ़: जंबूरी से शराब तक गूंजा सदन… ‘हाईजैक’ पर हुई तंजकशी, नोकझोंक और बार-बार वॉकआउट से दिनभर गरमाया विधानसभा

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन तीखी राजनीतिक नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और बार-बार हुए वॉकआउट के कारण बेहद गरम रहा. जंबूरी आयोजन में कथित अनियमितताओं, विधायक को मिली धमकी, अवैध शराब और राजनीतिक तंजों ने मिलकर सदन के माहौल को पूरे दिन उग्र बनाए रखा.
कार्यवाही शुरू होते ही जंबूरी आयोजन में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा गूंजा. कांग्रेस विधायकों ने आयोजन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया. विपक्ष ने सरकार से पूछा कि जंबूरी के लिए निविदा कितनी बार जारी की गई और प्रक्रिया में बदलाव क्यों किया गया. इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से पहली निविदा निरस्त करनी पड़ी थी. इसके बाद आवश्यक नियम संशोधन कर 23 दिसंबर को दोबारा टेंडर जारी किया गया. हालांकि मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.
धमकी के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट
सदन में हलचल उस समय और बढ़ गई जब शून्यकाल में विधायक रिकेश सेन को मिली जान से मारने की धमकी का मामला उठा. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने यह मुद्दा उठाते हुए विधायक की सुरक्षा और जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. इस पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विधायक पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रशासन सतर्क है. लेकिन विपक्ष ने इस जवाब को अधूरा बताते हुए दोबारा सदन से बहिर्गमन कर दिया. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी स्वयं विधायक से बात हुई है और जब तक सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, विपक्ष सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेगा.
हाईजैक’ को लेकर सदन में तंज और पलटवार
खाली बेंचों को देखकर भूपेश बघेल ने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए टिप्पणी की, जिस पर विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया. चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल ने अपनी ही पार्टी के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है और नेता प्रतिपक्ष को ‘हाईजैक’ कर लिया है. इस पर बघेल ने भी जवाबी तंज कसते हुए कहा कि अजय चंद्राकर ने तो पूरे सदन को ही ‘हाईजैक’ कर लिया है.
अवैध शराब व टिप्पणी पर आपत्ति, सभापति का हस्तक्षेप
इसी बीच विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब और मिलावट का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शराब की अवैध बिक्री और मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. इस पर आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि विभाग को अवैध शराब की 51 और मिलावट की 459 शिकायतें मिली हैं. इन मामलों में कार्रवाई करते हुए 22 अधिकारियों को निलंबित किया गया है.बहस के दौरान जब शकुंतला सिंह पोर्ते ने विपक्ष को 2 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की याद दिलाई तो भूपेश बघेल ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को ‘मुंह उठाकर’ आरोप लगाने का अधिकार नहीं है. सदन में बढ़ती तीखी बहस के बीच सभापति धरमलाल कौशिक ने हस्तक्षेप करते हुए व्यवस्था दी कि ये टिप्पणियां मुख्य प्रश्न से संबंधित नहीं हैं.
दिनभर आरोप, पलटवार, तंज और वॉकआउट के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार गरमाती रही और बजट सत्र का आठवां दिन राजनीतिक तल्खी के नाम रहा.











