27 मार्च के बाद महंगी होंगी इलेक्ट्रिक बाइक और कार, टैक्स व रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट खत्म

मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क की छूट 27 मार्च के बाद समाप्त हो जाएगी, जिससे ई-बाइक और ई-कार खरीदना महंगा हो जाएगा। राज्य की ईवी नीति के तहत निजी इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों को एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत कर और पंजीयन शुल्क में छूट दी गई थी, जिसकी अवधि अब खत्म होने जा रही है।

छूट खत्म होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत बढ़ने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं का रुझान दोबारा पेट्रोल-डीजल वाहनों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को 27 मार्च 2027 तक कर और पंजीयन शुल्क में छूट मिलती रहेगी।

नीति के तहत पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने यानी रेट्रोफिटिंग पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी समाप्त हो जाएगी। रेट्रोफिटिंग के लिए दोपहिया पर 5 हजार, तीनपहिया पर 10 हजार और कार पर 25 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान था, लेकिन किट की कमी के कारण यह योजना अपेक्षित रूप से लागू नहीं हो सकी।

राज्य सरकार ने पांच वर्षों में दोपहिया वाहनों में 40 प्रतिशत और चारपहिया वाहनों में 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीयन का लक्ष्य रखा है। साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी शहर बनाने की योजना भी शामिल है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर नियमित दूरी पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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