बलरामपुर में ‘तालिबानी सजा’: 300 रुपये के शक में युवक को भीड़ ने बेरहमी से पीटा!

बलरामपुर : जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डूमरपानी गांव से एक बेहद चिंताजनक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है,जहां चोरी के महज शक में एक युवक को ग्रामीणों ने अमानवीय यातनाएं देते हुए ‘तालिबानी सजा’ दे डाली.इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि समाज में बढ़ती भीड़तंत्र की प्रवृत्ति को भी उजागर किया है.

जानकारी के अनुसार, युवक पर गांव में सरसों और करीब 300 रुपये नकद चोरी करने का आरोप लगाया गया था. इसी संदेह के आधार पर कुछ ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और बिना किसी जांच या पुलिस को सूचना दिए खुद ही सजा सुनाते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.

इतना ही नहीं,आरोपियों ने युवक को अपमानित करने के उद्देश्य से उसके सिर के बाल के कुछ हिस्सों को जबरन छील दिया और उसके कपड़े तक फाड़ दिए. घटना के दौरान युवक की हालत बिगड़ती गई, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ.मामले ने उस समय और भयावह रूप ले लिया जब युवक के माता-पिता अपने बेटे को बचाने और घर ले जाने के लिए गांव पहुंचे.

आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ भी अभद्रता करते हुए मारपीट की और उन्हें भी नहीं बख्शा.इस दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया.गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज जारी है.पीड़ित की मां द्वारा शंकरगढ़ थाना में दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है.

वहीं अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक भीड़तंत्र कानून पर हावी होता रहेगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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