मैहर अस्पताल की छत पर मौत का ढेर! एक्सपायर दवाएं खुले में फेंकी, वीडियो वायरल

मैहर : धार्मिक नगरी मैहर के सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की छत पर भारी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी दवाओं के स्टॉक खुले में फेंके हुए पाए गए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
छत पर मिला दवाओं का ढेर
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को अस्पताल परिसर की छत पर दवाओं के कई पैकेट और बॉक्स बिखरे हुए देखे गए। गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी दवाइयां अपनी उपयोग की समय-सीमा (Expiry Date) पार कर चुकी हैं.नियमानुसार, एक्सपायर हो चुकी दवाओं को एक विशेष प्रक्रिया के तहत नष्ट (Dispose) किया जाना चाहिए, ताकि वे किसी के संपर्क में न आ सकें.
लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर इन्हें असुरक्षित तरीके से छत पर छोड़ दिया गया.
मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने इस पर गहरा रोष व्यक्त किया है.जानकारों का कहना है कि खुले में पड़ी ये एक्सपायरी दवाएं न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि यदि कोई बच्चा या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति इनका सेवन कर ले, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। अस्पताल जैसी जगह पर ऐसी घोर लापरवाही प्रशासन की साख पर बट्टा लगा रही है.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: CMHO
मामला तूल पकड़ते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने इस पर संज्ञान लिया है.मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. शुक्ला ने कहा:मैहर सिविल अस्पताल का मामला मेरे संज्ञान में आया है.एक्सपायर दवाओं को इस तरह खुले में रखना नियमों का उल्लंघन है। हमने जांच टीम गठित कर दी है जो यह पता लगाएगी कि ये दवाएं किस बैच की थीं और इन्हें डिस्पोज करने के बजाय छत पर किसने फेंका.जो भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
उठ रहे हैं कई सवाल
जब शासन दवाओं की कमी का रोना रोता है, तो इतनी भारी मात्रा में दवाएं एक्सपायर होने तक स्टोर में क्यों रखी रहीं?
क्या अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते इन दवाओं के वितरण या स्टॉक मैनेजमेंट की सुध नहीं ली?
दवाओं को नष्ट करने वाली कमेटी और जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे?
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके का मुआयना कर दवाओं की सूची तैयार कर रही है। अब देखना यह होगा कि जांच की आंच किन अधिकारियों तक पहुंचती है.











