आईटीआर फॉर्म जारी, लेकिन रिटर्न फाइलिंग के लिए करना होगा इंतजार

आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी आईटीआर फॉर्म जारी कर दिए हैं, लेकिन टैक्सपेयर्स अभी अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। ई-फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा, क्योंकि इसके लिए जरूरी तकनीकी तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं।

फॉर्म जारी होना आईटीआर प्रक्रिया का पहला चरण होता है। इसके बाद विभाग को Excel और JSON यूटिलिटीज जारी करनी होती हैं, जिनकी मदद से टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न तैयार करके पोर्टल पर अपलोड कर पाते हैं। जब तक ये यूटिलिटीज पूरी तरह से तैयार और टेस्ट नहीं हो जातीं, तब तक ई-फाइलिंग शुरू नहीं हो सकती।

जारी किए गए फॉर्म में अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स को शामिल किया गया है। ITR-1 उन सैलरीड लोगों के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है, जबकि ITR-2, ITR-3 और ITR-4 अलग-अलग आय स्रोत और बिजनेस प्रोफाइल वाले लोगों के लिए निर्धारित हैं। इसके अलावा ITR-5, 6 और 7 फर्म, कंपनियों और संस्थानों के लिए हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ई-फाइलिंग पोर्टल आमतौर पर मई के मध्य तक रिटर्न सबमिशन के लिए खुलता है। हालांकि, सही और पूरी जानकारी के साथ रिटर्न फाइल करने के लिए जून तक इंतजार करना बेहतर माना जाता है।

इसकी वजह यह है कि फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के बाद Form 26AS और AIS जैसे जरूरी दस्तावेज तुरंत अपडेट नहीं होते। कंपनियां TDS रिटर्न 31 मई तक फाइल करती हैं और बैंक व अन्य संस्थान भी डेटा अपडेट करते हैं। ऐसे में जल्दबाजी में रिटर्न फाइल करने पर जानकारी में गड़बड़ी हो सकती है।

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बिना पूरी जानकारी के रिटर्न फाइल किया जाता है तो बाद में नोटिस आने या संशोधित रिटर्न दाखिल करने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए बेहतर है कि टैक्सपेयर्स पहले अपने सभी दस्तावेज व्यवस्थित करें, आय और कटौतियों की सही जानकारी जुटाएं और उसके बाद ही रिटर्न फाइल करें।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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