डिजिटल पेमेंट में नया रिकॉर्ड, UPI से सालभर में 300 लाख करोड़ से ज्यादा लेनदेन

देश में डिजिटल पेमेंट सिस्टम की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। पूरे साल के दौरान UPI के जरिए 300 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन किए गए, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

मार्च 2026 में ही UPI लेनदेन की कुल वैल्यू करीब 30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान 22.6 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा माना जा रहा है। पूरे वित्त वर्ष में कुल ट्रांजैक्शन की संख्या 241.6 अरब तक पहुंच गई।

आंकड़ों के मुताबिक, पूरे साल में रोजाना औसतन करीब 84,500 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। वहीं मार्च महीने में यह औसत बढ़कर करीब 1 लाख करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो डिजिटल पेमेंट के तेजी से विस्तार को दिखाता है।

हालांकि UPI की ग्रोथ दर में थोड़ी कमी आई है। वित्त वर्ष 2026 में ट्रांजैक्शन वैल्यू में 18.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि इससे पहले यह दर 30 प्रतिशत और उससे पहले 40 प्रतिशत तक रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे UPI का दायरा देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक बढ़ रहा है, ग्रोथ की रफ्तार सामान्य हो रही है।

UPI के विस्तार में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की अहम भूमिका रही है। कुल ट्रांजैक्शन में करीब 62 प्रतिशत हिस्सा मर्चेंट पेमेंट का है, हालांकि वैल्यू के मामले में पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन का योगदान ज्यादा है। छोटे अमाउंट के ज्यादा लेनदेन होने से मर्चेंट पेमेंट की वैल्यू कम रहती है, जबकि व्यक्तिगत ट्रांजैक्शन में बड़ी रकम शामिल होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मजबूत होने और आसान पेमेंट सिस्टम के चलते आने वाले समय में भी UPI का विस्तार जारी रहेगा और यह देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता रहेगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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