रीवा: चचाई गांव में एक महीने से जला ट्रांसफार्मर, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण; सांसद के खिलाफ फूटा आक्रोश

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के चचाई गांव में बिजली संकट ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले एक महीने से गांव का ट्रांसफार्मर जला पड़ा है, जिससे ग्रामीण भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली न होने के कारण गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है, जिससे नाराज ग्रामीणों ने अब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसान नेताओं का कहना है कि किसानों ने छह महीने कड़ी मेहनत कर फसल तैयार की है। अब जब फसल को सहेजने का समय आया है, तब बिजली विभाग की लापरवाही के कारण फसल की कटाई और अन्य कृषि कार्य ठप पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को बार-बार सूचित करने के बाद भी अब तक केनया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे मुख्यमंत्री या विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत करते हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है। ग्रामीणों को कहा जाता है कि “पहले शिकायत वापस लो, तभी काम होगा।” ऐसी स्थिति में ग्रामीण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
बिजली और पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा पर जमकर फूटा। आक्रोशित लोगों ने कहा कि अगर तीन बार के सांसद एक गांव का ट्रांसफार्मर तक नहीं बदलवा सकते, तो उन्हें अपने पद पर रहने का कोई हक नहीं है। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।” ग्रामीणों ने बताया कि सांसद को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिलता है या कोई जवाब नहीं आता।
चचाई गांव की जनता ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया और बिजली बहाल नहीं की गई, तो समस्त ग्रामवासी मिलकर उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब झूठे आश्वासनों से थक चुके हैं और उन्हें धरातल पर समाधान चाहिए।









