मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर, फसलों को भारी नुकसान, 48 घंटे का अलर्ट

मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जिन क्षेत्रों में गेहूं की कटाई नहीं हो पाई थी, वहां खड़ी फसल गिर गई है और नुकसान की आशंका बढ़ गई है। खुले में रखा अनाज भी भीगने से प्रभावित हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश से गेहूं और प्याज की फसल को बड़ा झटका लग सकता है। अधिक नमी के कारण प्याज के सड़ने और गेहूं के दाने के काले पड़ने की संभावना जताई जा रही है। चना और मसूर की फसलों पर भी असर पड़ा है।
प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खेतों में फसल बिछ गई है। कुछ क्षेत्रों में मक्का की फसल को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान के आकलन के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, जिन क्षेत्रों में पहले ही फसल की कटाई पूरी हो चुकी थी, वहां नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा है। फिर भी खलिहानों में रखी फसल के भीगने से किसानों को चिंता है।
मौसम प्रणाली में बदलाव के चलते प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। अगले 48 घंटों के दौरान कई संभागों में गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
वहीं, एक अलग घटना में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।









