छत्तीसगढ़ में GST विभाग की सख्ती, डेढ़ लाख अपंजीकृत व्यापारी रडार पर, जल्द भेजे जाएंगे नोटिस

छत्तीसगढ़ में राज्य जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के सर्वे में सामने आया है कि जीएसटी के दायरे में आने वाले बड़ी संख्या में व्यापारी और सेवा क्षेत्र के लोग अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुसार जिन व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से अधिक है और सेवा क्षेत्र में जिनकी आय 20 लाख रुपए से ज्यादा है, उनके लिए जीएसटी पंजीयन अनिवार्य है। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 3.5 लाख पात्र कारोबारियों में से केवल लगभग 2 लाख ने ही पंजीयन कराया है।
इस अंतर को देखते हुए विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। 10 अप्रैल के बाद अपंजीकृत कारोबारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
विभाग ने बैंकों और बिजली कंपनियों से भी डेटा जुटाना शुरू किया है ताकि उन क्षेत्रों की पहचान की जा सके जहां बिजली खपत अचानक बढ़ी है। ऐसे स्थानों पर फैक्ट्रियों, उद्योगों और कारोबार की जांच की जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि नॉन-ब्रांडेड सामान जैसे जूते, चप्पल, कपड़े, फर्नीचर और प्लास्टिक सामग्री के कई व्यापारी जीएसटी पंजीयन से बच रहे हैं। अनुमान के मुताबिक ऐसे कई कारोबारियों का टर्नओवर सालाना एक करोड़ रुपए तक पहुंचता है।
अधिकारियों के अनुसार जीएसटी नंबर सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 30 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
विभाग को कोयला और ट्रांसपोर्टिंग सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका है, जहां बिना बिल के कारोबार किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सख्त कार्रवाई की जाएगी और पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ाने पर जोर रहेगा।









