कौन हैं सिर्फ दूसरी बार नाइट मैच खेलने वाले मुकुल चौधरी? ‘तलवार’ चलाकर LSG को जिताया मैच

कौन हैं सिर्फ दूसरी बार नाइट मैच खेलने वाले मुकुल चौधरी? ‘तलवार’ चलाकर LSG को जिताया मैच

Who Is Mukul Choudhary: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 3 विकेट से शानदार जीत हासिल की. इस मैच में लखनऊ को एक 21 साल के युवा खिलाड़ी ने मैच जिताया. इस खिलाड़ी का नाम मुकुल चौधरी है. मुकुल चौधरी को भले ही इस मैच से पहले ज्यादा लोग ना जानते हों, लेकिन अब वह सोशल मीडिया पर छा गए हैं. इस मैच में उन्होंने एक कमाल की पारी खेली और केकेआर से अकेले दम पर मैच छीन लिया.

मुकुल चौधरी ने LSG को दिलाई जीत

इस मैच में 182 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए लखनऊ ने 16 ओवर में 128 रन पर ही 7 विकेट गंवा दिए थे. यहां से लखनऊ की हार तय मानी जा रही थी, लेकिन मुकुल चौधरी के इरादे कुछ और ही थे. उन्होंने तलवार की तरह बल्ला चलाना शुरू कर दिया और एक से बढ़कर एक छक्के लगाए. उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाकर लखनऊ को जीत दिला दी. उनकी इस पारी में 2 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. उनकी पावर हिटिंग देखकर हर कोई हैरान रह गया.

सिर्फ दूसरी बार नाइट मैच खेलने उतरे मुकुल चौधरी

मुकुल चौधरी ने मैच के बाद एक बड़ा खुलासा किया. अपनी क्रिकेट जर्नी के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि वह सिर्फ दूसरी बार अंडर लाइट्स मैच खेल रहे थे. यानी उन्होंने अपना पहला अंडर लाइट्स मैच आईपीएल में ही खेला. अंडर लाइट्स खेलना काफी मुश्किल होता है, लेकिन कम अनुभव के बावजूद उन्होंने कमाल की बल्लेबाजी की.

मुकुल चौधरी ने मैच के बाद कहा, ‘मेरा सफर तब शुरू हुआ जब मेरे पिता की शादी भी नहीं हुई थी, उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले. मैंने कम उम्र में शुरुआत की लेकिन सीकर में अच्छी एकेडिमी नहीं थीं. मैंने दिल्ली और गुड़गांव में मैच खेले और इससे मुझे मदद मिली. यह अंडर लाइट्स मेरा दूसरा ही मैच था. भगवान ने मुझे यह मौका दिया है, दबाव हो सकता है लेकिन यह अपना नाम बनाने का भी मौका है था. मेरा टारगेट आखिरी तक बल्लेबाजी करना था और देखना था कि क्या होता है. मैंने दो मैचों में एक भी छक्का नहीं लगाया था, इसलिए पहला छक्का खास था. मेरे मन में मुझे पता था कि चार में से एक गेंद स्लॉट में होगी और मैं बस इसका इंतजार कर रहा था. छोटी उम्र से ही मुझे मैदान पर छक्के मारना पसंद है.’

पिता की जिद ने बनाया क्रिकेटर

मुकुल चौधरी झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी कस्बे के रहने वाले हैं. छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने सीकर की एबीएस क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ली. मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 से पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि क्रिकेटर बनना ही उनका इकलौता टारगेट था. जब वह पहली बार गांव से एकेडमी के लिए निकले, तो पिता ने उन्हें साफ कहा था कि गांव में तब तक वापस नहीं लौटना है जब तक क्रिकेटर बनकर इज्जत के साथ नहीं लौटोगे.

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जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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