स्कूल की प्रधान पाठक सस्पेंड: प्रार्थना में ‘जन-गण-मन’ बंद कराकर सिखा रही थीं धार्मिक नारे, वित्तीय गबन और हिन्दू संस्कृति के खिलाफ भड़काने पर बड़ी कार्रवाई

जांजगीर-चांपा।छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के चलते एक सरकारी स्कूल की प्रधान पाठक पर गाज गिरी है।
बलौदा नगर स्थित पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज को धर्मांतरण के प्रयास, बच्चों को हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काने और स्कूल फंड में लाखों की हेराफेरी के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी जांच भी शुरू कर दी है।
यह पूरा विवाद तब गहराया जब ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान “जन गण मन” के बजाय बच्चों से “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य बुलवाए जा रहे थे।
इतना ही नहीं, छोटे बच्चों के कोमल मन में हिन्दू संस्कृति और परंपराओं के प्रति नफरत भरने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि बच्चों को मानसिक रूप से धर्मांतरण के लिए तैयार किया जा रहा था, जिसके कारण लंबे समय से गांव में आक्रोश पनप रहा था।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हिन्दू संगठनों और ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने शिकायतों का अंबार लगने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में जब आरोपों की गंभीरता पुख्ता हुई, तो जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम का खुला उल्लंघन माना और प्रधान पाठक को सस्पेंड कर दिया।
धार्मिक विवाद के साथ-साथ इस स्कूल में भ्रष्टाचार का भी बड़ा खेल उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि प्रधान पाठक ने साल 2021 से 2024 के बीच समग्र शिक्षा और अन्य मदों से मिले सरकारी बजट का जमकर दुरुपयोग किया।
स्कूल प्रबंधन समिति की राशि को नियमों के विरुद्ध खर्च करना, रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी बिल और पीपीओ जारी कर पैसे निकालना जैसे संगीन वित्तीय आरोप उन पर लगे हैं। विभागीय नोटिस के जवाब में भी प्रधान पाठक कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाईं।
फिलहाल, इलाके में लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए बलौदा पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत मामला कायम किया है।











