केलो परियोजना का विरोध: नहर निर्माण से नाराज किसान ने पिया जहर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नहर निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक किसान ने कथित तौर पर जहर पी लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार केलो परियोजना के तहत ग्राम लिंजीर क्षेत्र में नहर निर्माण किया जाना है। इस परियोजना से कई किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। प्रभावित किसानों में रविशंकर गुप्ता (55) भी शामिल हैं, जिनकी करीब 7 से 8 एकड़ जमीन नहर निर्माण की जद में आ रही है।
निर्माण कार्य शुरू होते ही हुआ विरोध
बताया जा रहा है कि बुधवार को केलो परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी, तहसीलदार और पुलिस बल निर्माण कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी मशीन से खेत में खुदाई शुरू कर दी गई।
इस दौरान रविशंकर गुप्ता और उनके परिवार ने अपनी जमीन देने से इनकार करते हुए विरोध जताया। परिवार का कहना था कि खेत के बगल में शासकीय भूमि उपलब्ध है, इसलिए नहर उसी जमीन से निकाली जाए।
परिजनों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी मांग पर सहमति नहीं जताई और निर्माण कार्य की प्रक्रिया जारी रखी। इसे लेकर किसान परिवार और अधिकारियों के बीच काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।
विरोध के बीच किसान ने पीया कीटनाशक
परिवार के मुताबिक, अपनी बात नहीं सुने जाने से परेशान होकर रविशंकर गुप्ता ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। उनकी तबीयत बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
बेटे ने बताई पूरी घटना
किसान के बेटे कैलाश गुप्ता ने बताया कि केलो परियोजना के अधिकारी खेत में नहर की खुदाई करने पहुंचे थे। परिवार ने उनसे अनुरोध किया था कि एक नहर पहले से बनी हुई है और दूसरी नहर के लिए पास की शासकीय जमीन का उपयोग किया जाए, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी।
कैलाश ने बताया कि मौके पर तहसीलदार और पुलिस जवान भी मौजूद थे। विरोध के बावजूद कार्रवाई जारी रहने पर उनके पिता ने जहर पी लिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पिता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।










