नाबालिग का प्रसव, डॉक्यूमेंट्स में पिता का नाम नहीं:तबीयत बिगड़ने पर अजमेर किया रेफर; परिजन शिकायत से बच रहे

अजमेर में नाबालिग लड़की के प्रसव के बाद अस्पताल और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। 17 जून को जिले के एक सरकारी अस्पताल में नाबालिग का प्रसव कराया गया था, लेकिन दस्तावेज में पिता के नाम के आगे ‘अज्ञात’ दर्ज किया गया।
यहीं से मामला संदिग्ध माना गया, बावजूद इसके बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को समय पर सूचना नहीं दी गई। बाद में नवजात शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे अजमेर के अस्पताल रेफर किया गया। यहां पर्ची में पिता का नाम ‘अज्ञात’ दर्ज होने पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल सीडब्ल्यूसी को सूचना दी।
मामला पॉक्सो से जुड़ा होने से सीडब्ल्यूसी भी तुरंत हरकत में आई और संबंधित थाने से मामले की जानकारी ली गई। सीडब्ल्यूसी के अनुसार, नाबालिग के प्रसव की जानकारी समिति और पुलिस को तत्काल दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
जनाना अस्पताल से सूचना मिलने के बाद ही मामले की गंभीरता सामने आई और समिति ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की टीम संबंधित क्षेत्र में भेजी गई और परिजनों से संपर्क किया गया।
नवजात एनआईसीयू में, पीड़िता संरक्षण में
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अंजली शर्मा ने बताया कि नवजात को सांस लेने में दिक्कत के कारण अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। नाबालिग को बाल कल्याण समिति की संरक्षण में रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला संवेदनशील है क्योंकि प्रसूता नाबालिग है और दस्तावेजों में बच्चे के पिता की जानकारी दर्ज नहीं है।
परिजन शिकायत से बच रहे, जांच जारी
जानकारी के अनुसार नाबालिग के परिजन फिलहाल किसी तरह की शिकायत देने से बच रहे हैं। हालांकि सीडब्ल्यूसी ने स्पष्ट किया है कि बच्चे की सुरक्षा और संभावित खतरे को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिजन की ओर से नवजात को अपनाने की बात कही जा रही है, लेकिन समिति को आशंका है कि बच्चे को छोड़ने या असुरक्षित स्थिति में डालने का खतरा भी बना रह सकता है।
लापरवाही पर अस्पताल से जवाब तलब किया
सीडब्ल्यूसी ने मामले में एसपी और सीएमएचओ को पत्र भेजकर पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी है। साथ ही संबंधित अस्पताल में हुई कथित लापरवाही पर जवाब तलब किया गया है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के अनुसार, संबंधित थाने की पुलिस ने शुरुआत में सूचना नहीं मिलने की बात कही है। थाना पुलिस का कहना है कि जांच सीडब्ल्यूसी स्तर पर जारी है और उसके निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।










