लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में KDA का एक्शन, एक साथ 30 कोचिंग सेंटर सील

लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है. इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने कानपुर के काकादेव स्थित कोचिंग मंडी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार देर रात शुरू हुए इस अभियान के तहत मानकों का पालन न करने वाले कई कोचिंग संस्थानों और बिल्डिंग पर कार्रवाई की गई. अब तक 30 से अधिक बिल्डिंग और कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात KDA की टीम ने काकादेव क्षेत्र में अभियान चलाकर 16 बिल्डिंग को सील किया था. हालांकि, मंगलवार सुबह अधिकारियों ने दोबारा जांच की तो कई अन्य भवन भी मानकों के विपरीत संचालित होते पाए गए. इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया और सील किए गए संस्थानों की संख्या बढ़कर 30 तक पहुंच गई. इसके अलावा 22 अन्य भवनों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जानकारी मांगी गई है.
कानपुर विकास प्राधिकरण के सचिव अभय पांडे के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद चार विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो एक-एक भवन की जांच कर रही हैं. जांच के दौरान पाया गया कि कई इमारतों में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण किया गया था. कई कोचिंग संस्थान बेसमेंट में संचालित हो रहे थे, जहां अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.
जांच के दौरान पाई गई खामियां
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कई बिल्डिंग के पास फायर सेफ्टी एनओसी नहीं थी. वहीं कई स्थानों पर आपातकालीन निकासी मार्ग भी नहीं बनाए गए थे, जो किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होते हैं. ऐसे में हजारों छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में डालकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं.
इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक नियमों की अनदेखी कर ये संस्थान कैसे संचालित होते रहे. क्या संबंधित विभागों की ओर से निगरानी में चूक हुई या फिर लापरवाही बरती गई? फिलहाल KDA इस पूरे मामले की जांच कर रहा है.
KDA सचिव अभय पांडे ने क्या कहा?
KDA सचिव अभय पांडे ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य जरूरी कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभियान अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी संस्थानों पर कार्रवाई हो सकती है.










