बीएमसी में इंजीनियरों की कमी, एसआरए में वर्षों से तैनात अभियंताओं को वापस बुलाने की मांग

बीएमसी में इंजीनियर के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में करीब 20 बीएमसी अभियंता पिछले 8 से 10 वर्षों से झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए) में ही कार्यरत हैं।

बीएमसी अभियंता विभाग ने इन अभियंताओं को तत्काल बीएमसी में वापस भेजने और उनके स्थान पर अन्य अभियंताओं को दो वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, बीएमसी के अभियंताओं को मूल रूप से दो वर्षों की प्रतिनियुक्ति पर एसआरए भेजा गया था, लेकिन कई अभियंता एक दशक से वहीं कार्यरत हैं। इसके कारण बीएमसी के विभागीय कार्यालयों और अन्य इंजीनियरिंग शाखाओं में अभियंताओं की कमी महसूस की जा रही है।

अन्य अभियंताओं को मौका देने पर जोर
कई स्थानों पर एक ही अभियंता को दो-दो विभागों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड रहा है। राज्य सरकार के अधीन आने वाले म्हाडा और एसआरए में बीएमसी के द्वितीय श्रेणी अभियंता, सहायक अभियंता और कार्यकारी अभियंता कार्यरत हैं।

सूत्रों के अनुसार, म्हाडा में कुछ अभियंताओं को स्थायी कर दिया गया है, जबकि एसआरए में भी ऐसी प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है। वर्तमान में एसआरए में बीएमसी के 8 सहायक अभियंता, 10 द्वितीय श्रेणी अभियंता और 2 कार्यकारी अभियंता कार्यरत है। आरोप है कि इनमें से कई अभियंता पदोन्नति की प्रक्रिया में भी भाग नहीं लेते और आवश्यक दस्तावेज तक जमा नहीं करते। ऐसे में उनकी जगह अन्य अभियंताओं को अवसर देने की मांग जोर पकड़ रही है।

नए अभियंताओं को मिले अवसर

इधर, एसआरए प्रशासन ने इन अभियंताओं को स्थायी करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। अभियंता वर्ग ने देवेंद्र मुख्यमंत्री फडणवीस से इस प्रस्ताव को मंजूरी न देने की मांग की है। उनका कहना है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनाती रहने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता प्रभावित होती है और अनियमितताओं की शिकायते बढ़ती है। इसलिए वर्तमान अभियंताओं को बीएमसी में वापस भेजकर नए अभियंताओं को प्रतिनियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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