फडणवीस पीएम बनना चाहते हैं तो मेरा पूरा समर्थन, उद्धव बोले- लेकिन बीजेपी खुद कतर रही उनका पर

‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की बगावत के बाद जमीन पर उतरे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अब सत्ताधारी महायुती गठबंधन के भीतर दरार पैदा करने के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। शिरडी लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे उद्धव ठाकरे ने सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दुश्मन नहीं, बल्कि उनके सच्चे शुभचिंतक हैं।
उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया कि यदि फडणवीस साल 2029 में देश के प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखते हैं, तो शिवसेना (यूबीटी) उनका पूरा समर्थन करेगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि खुद बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फडणवीस के बढ़ते कद से डरा हुआ है और दिल्ली में उनके पर कतरने की साजिश रची जा रही है।
दिल्ली न पहुंच सकें फडणवीस, इसलिए अभी से बांधकर रखने की हो रही साजिश
शिरडी के साईं बाबा मंदिर में दर्शन करने के बाद उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “दिल्ली के बीजेपी खेमे में अभी से इस बात पर अंदरूनी होड़ और चर्चा शुरू हो गई है कि 2029 के बाद प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा।
बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं को लगता है कि देवेंद्र फडणवीस इस रेस में सबसे आगे निकल सकते हैं। यही वजह है कि उनकी संभावनाओं को अभी से खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। फडणवीस को सिर्फ महाराष्ट्र तक ही सीमित रखने और उन्हें बांधकर रखने की कोशिश हो रही है ताकि वे किसी भी तरह दिल्ली के सियासी मंच पर न पहुंच सकें।”
नितिन गडकरी के साथ जो हुआ, वही अब फडणवीस के साथ
उद्धव ठाकरे ने दलबदल की इस पूरी पटकथा को बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की एक गहरी चाल बताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पर कतरे गए और उन्हें दरकिनार करने की कोशिश की गई, ठीक वैसा ही खेल अब देवेंद्र फडणवीस के साथ खेला जा रहा है।
हमारे सांसदों को तोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल कराया गया ताकि राज्य में शिंदे गुट की ताकत बीजेपी से ज्यादा दिखे। कल को जब नेतृत्व पर सवाल उठेगा, तो दिल्ली वाले कहेंगे कि फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी पिछड़ गई, इसलिए उनका डिमोशन कर दिया जाए।”
गद्दार नेताओं को लेकर शिंदे पर साधा निशाना
इस पूरे विवाद में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भी उद्धव ठाकरे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि देश का अगला प्रधानमंत्री एक मराठी मानुस होना चाहिए। इस पर आगे बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने शिंदे गुट पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “अगर महाराष्ट्र का कोई मराठी नेता देश का प्रधानमंत्री बनता है तो इसमें क्या बुराई है? लेकिन शर्त सिर्फ इतनी है कि वह नेता गद्दार नहीं होना चाहिए। गद्दारी करके सत्ता हथियाने वाले किसी भी चेहरे को महाराष्ट्र कभी स्वीकार नहीं करेगा।”
भावुक अंदाज में कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उद्धव ने अपील की कि वे पिंजरे में बंद मुर्गियों की तरह चुप न बैठें, बल्कि गद्दारों के खिलाफ आवाज बुलंद करें। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन सालों में राज्य की जनता इस अपमान का बदला लेगी और उनकी सरकार दोबारा पूरी ताकत के साथ महाराष्ट्र की सत्ता में वापसी करेगी।









