कांकेर में मलेरिया का कहर, दो दिनों में दो छात्रों की मौत; सरकारी छात्रावासों के 11 बच्चे संक्रमित

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया के अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों में सरकारी छात्रावासों से जुड़े दो छात्रों की मलेरिया के कारण मौत हो गई, जबकि दो अलग-अलग छात्रावासों के 11 छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालात को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जांच और उपचार में जुटी हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डोमाहर्रा गांव की रहने वाली तीन सगी बहनों को तेज बुखार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी दोनों बहनों का इलाज जारी है।
इसी तरह मर्दापोटी छात्रावास में कई छात्रों को बुखार और सिरदर्द की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई, जिसमें चार छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इनमें 9 वर्षीय छात्र सुभाष कुमेटी की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए थे। बाद में गंभीर स्थिति में दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इरादाह और मर्दापोटी छात्रावासों में कुल 11 छात्र मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं। प्रभावित छात्रावासों और आसपास के गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। मरीजों की जांच, उपचार और दवा वितरण का कार्य लगातार जारी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि जिले में मलेरिया का अचानक आउटब्रेक सामने आया है। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई तक छात्रावासों में हुई स्वास्थ्य जांच में कोई भी छात्र संक्रमित नहीं मिला था, लेकिन 24 जुलाई के बाद अचानक संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े। इसके बाद सभी छात्रावासों में विशेष निगरानी और नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं।
आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त जया मनु ने बताया कि विभाग स्वास्थ्य टीमों के साथ समन्वय बनाकर सभी छात्रावासों में निगरानी रख रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से मच्छरों से बचाव के लिए एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने घर के आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है। जिला प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।











