साइबर ठगी पर बड़ी सफलता, I4C और 1930 हेल्पलाइन ने बचाए ₹11,158 करोड़ से अधिक

नई दिल्ली। देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले पांच वर्षों में 1930 साइबर हेल्पलाइन और अन्य तकनीकी प्लेटफॉर्म की मदद से साइबर ठगी के शिकार होने वाले लोगों के ₹11,158 करोड़ से अधिक बचाए गए हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच साइबर ठगी से जुड़ी लाखों शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की गई। समय रहते बैंकों और संबंधित एजेंसियों के समन्वय से बड़ी संख्या में संदिग्ध लेनदेन को रोका गया, जिससे लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सकी।

I4C ने साइबर अपराधियों पर कार्रवाई के लिए कई आधुनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनमें ‘प्रतिबिंब’ मॉड्यूल प्रमुख है, जिसकी मदद से बड़ी संख्या में साइबर अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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