SAD को बड़ा झटका, पहली बार बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से बाहर रहा अकाली दल

पंजाब विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि पार्टी के किसी भी विधायक को विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में शामिल नहीं किया गया। यह कमेटी विधानसभा की कार्यवाही और सदन के एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभाती है। पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 10 अगस्त तक आयोजित होगा।
BAC में किन दलों को मिली जगह
पांच सदस्यीय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में इस बार आम आदमी पार्टी के तीन प्रतिनिधियों के साथ कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और भाजपा की ओर से अश्वनी कुमार शर्मा को शामिल किया गया है। हालांकि शिरोमणि अकाली दल का कोई भी विधायक इस समिति का हिस्सा नहीं बनाया गया। अब तक अकाली दल का प्रतिनिधि लगातार इस समिति में शामिल होता रहा था।
चार साल तक सदस्य रहे थे मनप्रीत सिंह अयाली
पिछले चार वर्षों से अकाली दल की ओर से मनप्रीत सिंह अयाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सदस्य रहे थे। लेकिन इस बार पार्टी को समिति में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। राजनीतिक जानकार इसे विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
3 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान बेअदबी कानून में प्रस्तावित संशोधनों, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, सत्र से पहले अकाल तख्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और सभी सिख विधायकों को पत्र भेजकर अपील की है कि जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 में कोई भी बदलाव सिख समुदाय की भावनाओं और अकाल तख्त के निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस और हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।











