छात्र आंदोलन के बीच आज से झारखंड विधानसभा का सत्र, बातचीत होगी या होगा घेराव?

झारखंड के रांची में छात्र आंदोलन का आज सबसे अहम दिन है. एक तरफ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, दूसरी तरफ सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव या बातचीत, दोनों की संभावना बनी हुई है. सवाल सिर्फ इतना नहीं कि आज क्या होगा सवाल यह है कि क्या आज इस आंदोलन की दिशा बदल जाएगी? कई दिनों से जारी छात्र आंदोलन आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है.
सरकार की ओर से छात्रों को बातचीत की मेज तक लाने की कोशिशें तेज होने की संभावना है. मुख्यमंत्री पहले ही बातचीत के संकेत दे चुके हैं और अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या कोई औपचारिक पहल होती है या नहीं.
आज तय हो सकती है आंदोलन की दिशा
उधर आंदोलनकारी छात्रों के लिए भी आज का दिन बेहद अहम है. छात्र नेताओं की बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय हो सकती है. धरना पहले की तरह जारी रहेगा. आंदोलन और तेज हो गया या फिर सरकार से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा. इस पर फैसला आज सामने आ सकता है.
आंदोलन का चेहरा बन चुके देवेंद्र नाथ महतो और अन्य छात्र नेताओं के बयान भी पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकते हैं. अगर बातचीत का रास्ता खुलता है तो आंदोलन की रणनीति बदल सकती है और अगर गतिरोध कायम रहता है तो संघर्ष और लंबा खिंच सकता है.
सदन के भीतर भी गूंज सकती है छात्रों की आवाज
इधर झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र भी आज से शुरू हो रहा है. ऐसे में सदन के भीतर भी छात्र आंदोलन की गूंज सुनाई देने की पूरी संभावना है. विपक्ष जेपीएससी, जेएसएससी, भर्ती परीक्षाओं, कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. वहीं सरकार भी अपने फैसलों और रुख का बचाव करती नजर आ सकती है. यानी आज की सबसे बड़ी तस्वीर दो जगहों पर बनेगी. ये दोनों जगहें विधानसभा के भीतर और दूसरी आंदोलन स्थल पर हैं.











