ड्रोन से हाइपरसोनिक तक…पीएम मोदी ने बताया ‘सुदर्शन चक्र’ का पूरा प्लान

80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कई बड़े ऐलान किए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का ग्लोबल सप्लायर बनना चाहिए. पीएम ने अपने भाषण में कहा कि ‘रक्षा शक्ति’ विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने की कुंजी है, बदलते समय में स्वदेशी रक्षा उपकरणों और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ पर तेजी से काम चल रहा है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए सिविल डिफेंस की एक बड़ी वॉलंटरी

दरअसल, ‘रक्षा शक्ति’ उन सात तरह की ताकतों में से एक है, जिनका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में किया है. दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया और भारत से अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों का ग्लोबल सप्लायर बनने का आह्वान किया. फोर्स बनाई जाएगी

‘विकसित करने होंगे ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम’

उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का कोई विकल्प नहीं है. जब दुनिया भर के देश तेजी से अपने हितों के बारे में सोच रहे हैं, तो भारत सिर्फ दुनिया के लिए एक बाजार बनकर नहीं रह सकता. हमें ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने होंगे और हाइपरसोनिक रक्षा तकनीकों में नेतृत्व करना होगा.

‘भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए’

आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘दुनिया में ऐसी कई चीजें उपलब्ध हो सकती हैं जो सस्ती हों और जल्दी मिल सकती हों, लेकिन उनपर निर्भर रहने से न तो हमारी अपनी क्षमताएं बनती हैं और न ही हमारी क्षमताओं की मजबूती की परख होती है. इसलिए हमें अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी. इसीलिए हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ रहे हैं. भारतीयों के दिल ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ जैसी पहलों से जुड़ रहे हैं’.

स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर ध्यान देने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा भी रक्षा का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां देश युवाओं की क्षमताओं का इस्तेमाल देश और दुनिया के फायदे के लिए कर सकता है. पीएम मोदी ने बदलते समय में तैयार रहने के लिए रक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘आज युद्ध का तरीका बदल रहा है, अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि टकराव सिर्फ सीमाओं तक ही सीमित रहेगा. आधुनिक युद्ध में रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर या डेटा सेंटर को निशाना बनाया जा सकता है. एक तरह से यह लड़ाई का नया रूप है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और कारखानों को नष्ट किया जा रहा है. हमने कुछ साल पहले मिशन सुदर्शन चक्र की घोषणा की थी और इस पर तेजी से काम चल रहा है’.

12 साल में चार गुना बढ़ा रक्षा उत्पादन

पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र में आए बदलावों का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है और भारतीय हथियार लगभग 100 देशों तक पहुंच रहे हैं. चाहे चुनौती देश के भीतर हो या सीमाओं के पार, भारत किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा धीरे-धीरे बढ़ रही है.

उभरते खतरों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी का आह्वान

पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक सुरक्षित भारत का निर्माण हर नागरिक की जिम्मेदारी है और उन्होंने उभरते खतरों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी का आह्वान किया. उन्होंने कहा, ‘पिछली सदी के युद्धों के हिसाब से हमारे देश में जो नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) सिस्टम विकसित हुए थे, वो अब पुराने पड़ चुके हैं. आने वाले दिनों में हम नागरिक सुरक्षा का एक मज़बूत नेटवर्क बनाएंगे. हम उन्हें आधुनिक सिस्टम से परिचित कराएंगे. आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए हम नागरिक सुरक्षा की एक बड़ी स्वयंसेवी फोर्स तैयार करने जा रहे हैं’.

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jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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