ताऊ-ताई ने ही 1.5 लाख में बेची सगी भतीजी, मासूमियत का सौदा: 12 बच्चों की तस्करी से जुड़े तार

साबरकांठा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक महीने की मासूम बच्ची की तस्करी के सनसनीखेज नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इडर-हिम्मतनगर हाईवे पर राजपुर गांव के पास पुलिस ने गश्त के दौरान एक कार को रोककर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और कार सवार पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मुंबई वाली कविता की तलाश तेज
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मासूम बच्ची का सौदा1.5 लाख रुपये में तय हुआ था। बच्ची को गुजरात के साबरकांठा से मुंबई ले जाया जा रहा था, जहां इसे कविता नाम की एक महिला को सौंपा जाना था। फिलहाल पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह ‘मुंबई वाली कविता’ कौन है? क्या वह केवल इस बच्ची को खरीदने वाली थी या किसी बड़े राष्ट्रव्यापी तस्करी रैकेट की मुख्य सरगना है?
अपनों ने ही रचा था घिनौना खेल
जांच में यह दिल दहला देने वाला सच सामने आया कि बच्ची के ताऊ और ताई (बबीबेन और पोपटभाई) ने ही अपने सगे छोटे भाई की बच्ची को बेचने की साजिश रची थी। इस सौदे को अंजाम देने के लिए देवीलाल और सीताराम नाम के मुख्य दलालों को शामिल किया गया था, जबकि प्रवीण और दिनेश डांगी ने बिचौलिए की भूमिका निभाई।
मामले में शामिल एक फरार महिला दलाल का नाम पहले भी अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई जैसे शहरों में 12 बच्चों को बेचने में सामने आ चुका है। पुलिस ने कुल सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 5 को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या पहले बेचे गए बच्चों के तार भी मुंबई की इस कविता से जुड़े हैं।











