जयपुर का ‘जूस’ वाला मर्डर, पत्नी ने पति को पिलाया; 3 घंटे तक तड़पता लेकर घूमती रही… प्रेमी संग रची थी साजिश

जयपुर के विश्वकर्मा थाना इलाके में महेश मीणा (27) की संदिग्ध मौत की जांच ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. जिस पत्नी ने पति की तबीयत खराब होने की सूचना उसके परिवार को दी थी, पुलिस जांच में वही पत्नी, पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता निकली. पुलिस के मुताबिक, कविता मीणा ने अपने प्रेमी गणेश मीणा के साथ मिलकर महेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और जहर देने के लिए जूस का सहारा लिया. पुलिस के अनुसार, साजिश इस तरह रची गई थी कि हत्या स्वाभाविक मौत जैसी लगे और परिवार को किसी तरह का शक न हो, लेकिन CCTV फुटेज, रूट चार्ट, कॉल डिटेल और बयानों में सामने आए विरोधाभासों ने पूरी कहानी पलट दी. पुलिस ने कविता मीणा और उसके प्रेमी गणेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है.

5 अगस्त की घटना

पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को कविता ने महेश से कहा कि उसे दवाई लेनी है. दोनों मोटरसाइकिल से निकले. शुरुआत में कविता ने पुलिस को बताया कि वह इलाज के सिलसिले में बोराज गई थी, लेकिन तकनीकी जांच में उसके बताए रूट और वास्तविक मूवमेंट में अंतर सामने आया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महेश और कविता बोराज से आगे बस्सी की तरफ गए. यहीं उस साजिश को अंजाम दिया गया, जिसकी प्लानिंग पहले से की जा रही थी. पुलिस के अनुसार, कविता ने एक जूस लिया और उसमें सल्फॉस की गोलियां मिला दीं. महेश को पत्नी पर कोई शक नहीं था, इसलिए उसने जूस पी लिया. कुछ समय बाद जहर का असर शुरू हुआ और महेश की तबीयत बिगड़ने लगी.

3 घंटे तक इधर-उधर लेकर घूमते रहे

पुलिस के मुताबिक यहीं से साजिश का दूसरा चरण शुरू हुआ. कविता ने अपने प्रेमी गणेश मीणा को फोन कर बुलाया. पुलिस के अनुसार, फोन पर उसे बताया गया कि जिस काम की योजना बनाई गई थी, वह कर दिया गया है और अब उसे वहां आना है. गणेश के मौके पर पहुंचने के बाद महेश को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों उसे लेकर दो-तीन घंटे तक तक इधर-उधर घूमते रहे. इक दौरान महेश की हालत बिगड़ती रही. जब उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई, तब कविता और गणेश उसे लेकर रोड नंबर 14 पुलिया पहुंचे. इसके बाद कहानी को सामान्य दिखाने के लिए कविता ने महेश के भाई मनीष को फोन किया और कहा कि उसके भाई की तबीयत खराब है, वह 14 नंबर पुलिया के पास आ जाए.

महेश के पिता को हुआ बहू पर शक

परिजन मौके पर पहुंचे और महेश को निजी अस्पताल, रोड नंबर 6 ले गए. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. महेश की मौत के बाद परिवार को घटनाक्रम पर संदेह हुआ. 16 अगस्त को मृतक के पिता बाबूलाल मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट दी. इसके बाद विश्वकर्मा थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई. शुरुआत में मौत को लेकर कई सवाल थे- महेश की तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी? वह पत्नी के साथ कहां गया था? रास्ते में कौन-कौन उसके साथ था? और आखिर अस्पताल पहुंचने से पहले उसे घंटों इधर-उधर क्यों घुमाया गया?

इन्हीं सवालों के जवाब तलाशते हुए पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए. पुलिस टीम ने एक-एक CCTV फुटेज को जोड़कर महेश और कविता की पूरी मूवमेंट का रूट तैयार किया. इसके साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया गया. यहीं पुलिस को कविता के बयानों और CCTV से सामने आई तस्वीरों के बीच कई विरोधाभास मिले.

पुलिस पूछताछ में खुली दोनों की पोल

कविता ने जहां बोराज जाने की बात कही थी, वहां उसकी वास्तविक लोकेशन और रूट को लेकर सवाल खड़े हुए. इसके अलावा उसने किसी अन्य व्यक्ति के साथ होने से भी इनकार किया था, लेकिन CCTV और कॉल रिकॉर्ड ने पुलिस को दूसरी कहानी दिखाई. इसके बाद पुलिस ने कविता से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के अनुसार साजिश की परतें खुलती चली गईं.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कविता और गणेश मीणा के बीच करीब छह-सात साल से प्रेम संबंध थे. कविता गणेश से शादी करना चाहती थी, लेकिन परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था. करीब डेढ़ साल पहले कविता की शादी महेश मीणा से कर दी गई, लेकिन शादी के बाद भी कविता और गणेश के बीच संपर्क बना रहा और दोनों इस रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे. इसी दौरान महेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई.

जहरीली दवा देकर मारने का आइडिया कहां से आया?

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों को जहरीली दवा के जरिए मौत देने का आइडिया एक पुरानी घटना से आया. उनके गांव में किसी व्यक्ति द्वारा सल्फॉस खाकर आत्महत्या किए जाने की घटना से उन्हें पता था कि यह दवा जानलेवा हो सकती है. पुलिस के अनुसार, दोनों ने फोन पर इस संबंध में बातचीत की और जहर देने की योजना बनाई. फसलों में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा आसानी से उपलब्ध होने के चलते सल्फॉस का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया.

जिस जगह से जूस लिया गया, वहां की भी जांच की गई. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल जूस दुकानदार की हत्या की साजिश में कोई भूमिका सामने नहीं आई है. पुलिस का मानना है कि जूस में जहरीली गोलियां मिलाने का काम कविता ने ही किया. CCTV में कुछ अन्य लोग भी दिखाई दिए थे. पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की है. हालांकि किसी अन्य की भूमिका अभी सामने नहीं आई है. पुलिस टीम ने CCTV फुटेज, रूट चार्ट, कॉल डिटेल और आरोपियों के बयानों को आपस में जोड़कर घटनाक्रम तैयार किया. पुलिस ने कविता मीणा और गणेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों से पूछताछ जारी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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