कैलाश नगर स्कूल में 3 प्रधान पाठक पदस्थ, 2 का समायोजन; 31 पद अब भी खाली

दुर्ग जिले के कैलाश नगर स्थित प्राथमिक शाला में एक ही पद पर तीन प्रधान पाठकों की पदस्थापना का मामला सामने आया है। तीनों अपने-अपने तबादला आदेश लेकर स्कूल पहुंचे, जिसके बाद विभाग को दो प्रधान पाठकों को जिले के दूसरे स्कूलों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में आभा नामदेव, प्रशांत देवांगन और यशोदा राजपूत का कैलाश नगर प्राथमिक शाला में तबादला किया गया था। तीनों जब स्कूल पहुंचे तो एक ही पद पर तीन पदस्थापन का मामला सामने आया।
इसके बाद विभाग ने पहले पदभार ग्रहण करने वाले प्रधान पाठक को कैलाश नगर में रखने का निर्णय लिया, जबकि बाकी दो को जिले के ऐसे स्कूलों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जहां पद रिक्त हैं।
जिले में अब भी 31 पद खाली
डीईओ जगजीत सिंह धीर के मुताबिक, दुर्ग जिले में पहले प्रधान पाठकों के 35 पद रिक्त थे। स्थानांतरण के बाद चार प्रधान पाठक जिले में आए हैं, इसके बावजूद करीब 31 पद अब भी खाली हैं।
उन्होंने बताया कि कैलाश नगर में तीन प्रधान पाठकों की पदस्थापना शासन स्तर से हुई थी। दो प्रधान पाठकों के समायोजन के लिए संशोधित प्रस्ताव डीपीआई कार्यालय भेजा गया है।
प्रशासनिक चूक पर उठे सवाल
एक ही स्कूल में तीन प्रधान पाठकों की पदस्थापना कैसे हुई, इस पर विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। डीईओ ने भी इसे प्रशासनिक स्तर की चूक बताया और कहा कि इसकी वजह की जानकारी फिलहाल नहीं है।
विभाग अब रिक्त पदों को पदोन्नति के जरिए भरने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए इसी महीने प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। फिलहाल कैलाश नगर स्कूल में एक प्रधान पाठक ने पदभार संभाल लिया है, जबकि दो अन्य के लिए रिक्त स्कूलों में समायोजन की प्रक्रिया चल रही है।











